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आगरा: युवती ने इंटरनेट से खोजा बैंक का कस्टमर केयर नंबर, साइबर अपराधियों ने खाता कर दिया साफ

Sun, 13 Mar 2022 10:55 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

साइबर अपराधियों ने इंटरनेट पर जाल बिछा रखा है। कस्टमर केयर के नाम से लोगों को फंसाकर उनसे धोखाधड़ी कर रहे हैं। आगरा में एक युवती इसी तरह के अपराध की शिकार हो गई।  
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साइबर अपराध (सांकेतिक तस्वीर)
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विस्तार
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साइबर अपराधियों ने ग्राहक सेवा प्रतिनिधि बनकर आगरा की एक युवती के खाते से 4.13 लाख रुपये निकाल लिए। युवती ने इंटरनेट से बैंक के ग्राहक सेवा प्रतिनिधि का नंबर खोजा था। साइबर अपराधी ने पहले मोबाइल पर एप डाउनलोड कराया। इसके बाद इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से रकम निकाल ली। पीड़िता ने पुलिस से शिकायत की है। रेंज साइबर थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। 

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कमला नगर निवासी शिवानी त्यागी दिल्ली में नौकरी करती हैं। उन्होंने बताया कि उनका खाता आईसीआईसीआई बैंक में है। उन्होंने नौ मार्च को एटीएम से एक हजार रुपये निकाले थे। इस पर उनके खाते से चार्ज के रूप में कुछ रकम कट गई। उन्होंने बैंक से रकम काटे जाने के बारे में जानकारी के लिए गूगल पर कस्टमर केयर नंबर खोजा।

एनी डेस्क एप कराया डाउनलोड 

शिवानी को बैंक के नाम से एक कस्टमर केयर नंबर मिल गया, जिस पर कॉल किया। कॉल रिसीव करने वाले ने कहा कि खाते से जितनी बार भी पैसा कटा है, वह रकम वापस कर दी जाएगी। इसके लिए अपने मोबाइल पर एक एप डाउनलोड करना होगा। शिवानी ने उसके कहे अनुसार, एनी डेस्क एप डाउनलोड कर लिया। इसके बाद उनसे एप को एक्सेस करने का कोड पूछ लिया गया।

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साइबर अपराधियों ने मोबाइल एक्सेस करने के बाद खाते की इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से रकम ट्रांसफर कर ली। छह बार में 4.13 लाख रुपये खाते से निकाल लिए गए। पीड़ित को बैंक के मैसेज आने पर जानकारी हो सकी। उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी लेकिन साइबर अपराधी ने अपना मोबाइल नंबर स्विच ऑफ कर लिया। शिवानी ने पुलिस के हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद रेंज साइबर क्राइम थाना में तहरीर दी। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

अनजान व्यक्ति के कहने पर नहीं करें एप डाउनलोड

एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने कहा है कि इंटरनेट पर हेल्पलाइन और कस्टमर केयर नंबर खोजते समय सावधानी बरतें। फोन पर किसी अनजान व्यक्ति को अपने खाते, एटीएम कार्ड की जानकारी नहीं देनी चाहिए। कोई व्यक्ति मोबाइल पर एप डाउनलोड करने की कहता है तो सावधान हो जाएं। 

साइबर अपराधी मोबाइल स्क्रीन शेयरिंग और एक्सेस एप डाउनलोड कराते हैं। इसके बाद ओटीपी देखकर इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से रकम निकाल लेते हैं। इसलिए एप डाउनलोड नहीं करें। इंटरनेट पर मिलने वाले ग्राहक सेवा नंबर की पड़ताल करने के बाद ही कॉल करें।
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