आगरा। जिले में साइबर अपराधी पूरे साल पुलिस के लिए चुनौती बने रहे। तरह-तरह के रूप अपनाकर आमजन को अपने जाल में फंसाया और उनकी रकम हड़प ली। कमिश्नरेट के आंकड़े खुद बयां करते हैं कि वर्ष 2025 में साइबर अपराध बढ़े हैं। हालांकि दूसरी ओर पुलिस का यह भी दावा है कि जिन लोगों ने तत्काल पुलिस या हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दे दी, उनकी रकम का कुछ हिस्सा उन्हें वापस करा दिया गया।
साल के अंतिम दिन पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने वर्ष 2025 का रिपोर्ट कार्ड मीडिया के सामने पेश किया। उन्होंने बताया कि साइबर क्राइम को छोड़कर अन्य अपराधों में कमी आई है। मुकदमों की पैरवी से सजा दिलाने का ग्राफ बढ़ा है। हादसों में मौत के मामले में आगरा देश के 100वें और प्रदेश के टॉप फाइव जिलों में चौथे नंबर पर है। इसे कम करना पुलिस की सबसे बड़ी चुनौती है।
उन्होंने बताया कि लोगों को जागरूक करने से साइबर अपराध के पीड़ित सबसे पहले हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत कर रहे हैं। पुलिस ने 47,80,12,236 करोड़ रुपये की ठगी की राशि में से 11,24,26,399 रुपये खातों में फ्रीज कराए। साइबर क्राइम थाने में पूरे साल में करीब 29 करोड़ की साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज हुईं। इसमें से 24 करोड़ से अधिक की रकम फ्रीज और पांच करोड़ से अधिक की रकम पीड़ितों को वापस दिलवाई गई है। वर्ष 2024 में कुल 41 करोड़ रुपये की ठगी की शिकायतें सामने आई थीं।
उन्होंने कहा कि साइबर क्राइम के प्रति पुलिस का जागरूकता अभियान पंचायत स्तर तक ले जाएंगे। वहीं डीजीपी के निर्देश पर हर थाने में मिशन शक्ति केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों काे और अधिक बेहतर बनाया जाएगा।
नए साल में नई पुलिसिंग का दावा
पुलिस आयुक्त ने बताया कि नववर्ष में लोगों को नई पुलिसिंग देखने को मिलेगी। सड़क हादसों को रोकने के लिए 12 थानों में क्रिटिकल केयर टीम बनी है। जल्द सभी थानों में टीम तैयार होगी। टीमें ब्लैक स्पॉट को खत्म करने के जरूरी प्रयास करेंगी। हादसों में सबसे अधिक मौत वाले जिलों की टाॅप फाइव लिस्ट से बाहर निकालना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। डीसीपी ट्रैफिक सोनम कुमार को जिम्मेदारी दी गई है।
धर्मांतरण पर लगाई नकेल
पुलिस आयुक्त ने बताया कि 2025 में अपराध का आंकड़ा कम हुआ है। इनमें वाहन चोरी में 10 प्रतिशत, हत्या के प्रयास में 19 प्रतिशत कमी आई। दुष्कर्म की घटनाएं 62 प्रतिशत कम हुई हैं। परिवार परामर्श केंद्र में 4906 मामलों में दंपती में समझौते कराए गए। सदर के शहीद नगर की सगी बहनों को धर्मांतरण गैंग से मुक्त कराया और पूरे गैंग और उसके विदेशी फंडिंग के काकस को खत्म किया। पुलिस सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने बधाई भी दी। मामले को देश के सबसे बड़े खुलासों की लिस्ट में स्थान मिला। साथ ही साइबर अपराधों में लिप्त साइबर स्लेवरी गैंग, मोबिक्विक एप फ्रॉड गैंग, म्यूल खातों से संबंधित गैंग, नाइजीरियन गैंग, हैलो गैंग, हनी ट्रैप गैंग और नेपाली गैंग पर कार्रवाई की गई। प्रतिबिंब पोर्टल के जरिये 72 अपराधी गिरफ्तार किए गए। 415 स्थानों पर साइबर जागरूकता अभियान चलाकर 90985 लोगों को जागरूक किया गया। साइबर अपराधियों के 1928 मोबाइल नंबर और 7742 आईएमईआई नंबर ब्लाॅक कराए गए। कुुल 104 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार भी किया गया।
थाना क्षेत्रों में लगाई गई एलईडी
शहर के सभी थाना क्षेत्रों में आम नागरिकों को जागरूक करने के उद्देश्य से एलईडी डिस्प्ले लगाए गए हैं। इन एलईडी के माध्यम से सड़क सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और पुलिस से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां लगातार प्रसारित की जा रही हैं। पुलिस की विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों, साइबर अपराध से बचाव और अन्य जनहितकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है।