आनलाइन पेमेंट के लिए डेबिट कार्ड की जानकारी ले ली। इसके बाद एक और लिंक भेजा। यह लिंक मोबाइल की स्क्रीन शेयर और एक्सेस करने वाले एप का था। उस पर क्लिक करते हुए एप डाउनलोड हो गया। इसके बाद उनसे आनलाइन पेमेंट के लिए कहा। विकास ने जैसे ही डेबिट कार्ड की जानकारी भरी, उनके खाते से कुछ देर बाद रुपये कटने लगे। कुछ ही देर में 30900 रुपये खाते से ट्रांसफर हो गए। यह देखकर उनके होश उड़ गए। उन्होंने एटीएम कार्ड को ब्लाक करा दिया। इसके बाद पुलिस से शिकायत की।
आनलाइन विज्ञापन पर सजगता पर ही करें भरोसा
एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि साइबर अपराधी लोगों को नए तरीके अपनाकर अपने झांसे में ले रहे हैं। इसलिए ध्यान रखें कि आनलाइन दिखने वाले विज्ञापन पर बिना पड़ताल भरोसा नहीं करें। पहले से किसी तरह का पेमेंट नहीं करना चाहिए। अगर, कोई मैसेज में लिंक भेजकर क्लिक करने को कहे तो समझ जाएं, साइबर अपराधी ठगी का शिकार बना सकते हैं। अंजान व्यक्ति के खाते और एटीएम कार्ड की जानकारी मांगने पर नहीं देनी चाहिए। अधिकृत वेबसाइट के विज्ञापन देखने पर ही कॉल करना चाहिए। इसमें भी सजगता की जरूरत है।
आगरा में पकड़ा फर्जी दरोगा: ट्रेन में टिकट नहीं लगता इसलिए बनवाई आरपीएफ की वर्दी, बेल्ट ने खोल दी पोल