आरोपियों के बारे में जानकारी देती पुलिस।
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आगरा के थाना साइबर क्राइम पुलिस ने एपीके फाइल भेजकर खातों को खाली करने वाले गिरोह के सदस्य देवेश यादव को कस्टडी रिमांड पर लिया है। उससे तीन दिन तक पुलिस पूछताछ करेगी। गिरोह से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी। वहीं मास्टरमाइंड गोल्डी की गिरफ्तारी के लिए भी टीम लगी है।
थाना साइबर क्राइम पुलिस ने सागर, मध्य प्रदेश निवासी देवेश यादव और आशीष रजक को गिरफ्तार किया था। उनसे दो मोबाइल और दो डेबिट कार्ड बरामद किए गए थे। वह इंदौर के रहने वाले गोल्डी के लिए काम करते थे। दोनों ने उसे 80 बैंक खातों की चेकबुक, डेबिट कार्ड, सिम आदि उपलब्ध कराए थे। पुलिस की जांच में पता चला कि गोल्डी साइबर ठगी का गिरोह संचालित करता है। वह बिल्डर है। उसने एक ऑफिस बना रखा है।
इसमें कई युवकों को काम पर रखे हुए है। वह एपीके फाइल बनाते हैं। यह फाइल कई लोगों के मोबाइल पर भेजी जाती है। जब लोग एपीके फाइल को डाउनलोड करते हैं तो आरोपी मोबाइल हैक करके खातों को खाली कर देते हैं।
तामताड़ा के साइबर ठगों से भी जुड़े हैं गिरोह के तार
एडीसीपी क्राइम आदित्य सिंह ने बताया कि पुलिस को गोल्डी की तलाश है। वह घर से भाग गया है। आरोपी देवेश को तीन दिन की रिमांड पर लिया गया है। उससे गिरोह के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। उसकी मदद से आरोपी गोल्डी की भी गिरफ्तारी के प्रयास किए जाएंगे। यह पता किया जा रहा है कि गिरोह किस तरह रकम को विदेश भेजकर क्रिप्टोकरेंसी में बदलते थे। उनके तार तामताड़ा के साइबर ठगों से भी जुड़े हुए हैं। आरोपी कौन-कौन हैं। इसका पता लगाया जाएगा