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साइबर अपराधः फेसबुक पर कार का विज्ञापन दिखाकर ठगा, सैन्यकर्मी बताकर मंगाए रुपये

Fri, 05 Jun 2020 12:02 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

लॉकडाउन में सैन्यकर्मी बताकर कार भेजने का किया था वादा
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डेमो - फोटो : डेमो
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विस्तार
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लॉकडाउन में साइबर अपराधियों ने फेसबुक पर कार का विज्ञापन देकर 48 हजार रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित ने गुरुवार को एसएसपी कार्यालय में प्रार्थना पत्र दिया। मामले में साइबर सेल को जांच भेजी गई है। 
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सदर क्षेत्र निवासी शैलेंद्र कुमार के मुताबिक, उन्होंने फेसबुक पर एक कार का विज्ञापन देखा था। विज्ञापन में एक नंबर लिखा था। उन्होंने इस नंबर पर काल किया। इस पर एक साइबर अपराधी ने कॉल उठाया। उसने खुद को सैन्यकर्मी बताया। कहा कि वह कार बेचना चाहता है। इसकी कीमत 1.80 लाख रुपये है। इस पर शैलेंद्र ने 1.40 लाख रुपये देने को कहा। मगर, वह तैयार नहीं हुआ।

उसने 1.60 लाख रुपये में कार बेचने को कहा। इस पर शैलेंद्र राजी हो गए। साइबर अपराधी ने शैलेंद्र को बताया कि लॉकडाउन में सामान्य व्यक्ति नहीं चल सकता। मगर, सेना के सामान को इधर से उधर भेजने की अनुमति है। वह इसी सामान के साथ कार भी भेज देगा।
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एडवांस के रूप में दस हजार रुपये देने को कहा। बाकी रकम कार डिलीवर होने के बाद। शैलेंद्र ने दस हजार रुपये आनलाइन जमा कर दिए। इसके बाद 20 हजार रुपये और जमा करा लिए गए। बाद में कार को डिलीवर करने के चार्ज के साथ 18 हजार रुपये और जमा करा लिए गए। मगर, कार नहीं भेजी। शैलेंद्र के पूछने पर फोन बंद हो गया। शैलेंद्र ने एसएसपी आफिस में प्रार्थना पत्र दिया। 

सतर्कता से बच गए 20 हजार रुपये 
अलबतिया में एक शिक्षिका के मोबाइल पर कॉल करके साइबर अपराधियों ने ठगी की कोशिश की, लेकिन शिक्षिका और उनके पति की सतर्कता ने बचा लिया। अलबतिया रोड निवासी शिक्षिका चारू शर्मा के मोबाइल पर गुरुवार सुबह एक कॉल आया। चारू ने अंजान नंबर देखकर पति विशाल शर्मा से कॉल रिसीव कराया। कॉल करने वाले ने कहा कि मैं जीजाजी बोल रहा हूं।

विशाल पहले तो पहचान नहीं कर पाए, लेकिन उसने एक नाम लिया। चारू और उनके पति पूर्व में ठगी का शिकार हो चुके थे। उनके खाते से 20 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए थे। इसलिए उन्हें साइबर ठगों के बारे में जानकारी थी। विशाल ने इस बार भी बात शुरू कर दी। साइबर ठग ने कहा कि मुझे किसी से 20 हजार रुपये मंगाने हैं। इसलिए फोनपे से भेज रहा हूं। अपना नंबर बता दो।
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विशाल ने नंबर बता दिया। इसके बाद साइबर ठग ने कहा कि मैं पांच रुपये खाते में भेज रहा हूं, जिससे यह पता चले कि सही तरह से रकम पहुंच रही है। मगर, विशाल ने कहा कि सौ रुपये भेजें, तब पता चलेगा। मगर, साइबर ठग बार-बार पांच रुपये भेजने की कहने लगा। विशाल के तैयार नहीं होने पर फोन काट दिया।
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