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दहशत के 15 मिनट: 'मां मुझे बचा लो, पुलिस मुझे न छोड़ेगी...', 10 कॉल पर बेटी की आवाज सुनाकर धमकाते रहे अपराधी

Fri, 04 Oct 2024 09:50 AM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

अपराधियों ने इतना दहशत में डाला कि महिला की जान चली गई। परिवार सदमे में है। मृतका के बेटे ने कहा कि किसी और के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Meta AI
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विस्तार
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मां मुझे बचा लो, पुलिस मुझे छोड़ेगी नहीं...। सहायक शिक्षिका मालती वर्मा को साइबर अपराधियों ने 15 मिनट तक बेटी की आवाज सुनाकर इतना दहशत में डाला कि उनकी जान चली गई। परिवार सदमे में है। अंतिम संस्कार के चार दिन बाद पुलिस के पास पहुंचे। बेटे दीपांशु ने कहा कि उनकी मां को जान गंवानी पड़ी। किसी और के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए। पुलिस को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

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दीपांशु सिविल इंजीनियर हैं। उन्होंने बताया कि बहन वंशिका बीफार्मा कर रही है। उसके ही स्कैंडल में पकड़ जाने का डर दिखाकर मां को दहशत में डाला गया। मां ने जब उन्हें बताया तो +92 नंबर देखकर ही समझ गया कि पाकिस्तान के नंबर से फर्जी कॉल किया गया है। इस पर बहन से वीडियो कॉल पर बात करके मां की भी कराई। मगर उनकी दहशत कम नहीं हुई। 15 मिनट तक साइबर अपराधियों ने उन्हें धमकाया था। घर आने पर वह ज्यादा नहीं बता सकीं। दीपांशु का कहना है कि मां पर घर की जिम्मेदारी थी।

कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति
हर थाने में साइबर हेल्प डेस्क बनी है। इन पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। मगर, पुलिस मामला साइबर सेल में भेज देती है। इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। कई बार पीड़ितों की रकम तक वापस नहीं हो पाती है।
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शिकायत मिलने पर जांच कर मुकदमा दर्ज किया जाता है। इसके बाद टीम को लगाया जाता है। साइबर सेल और थाना पुलिस मिलकर साइबर ठगों के खिलाफ कार्रवाई करती है। जगदीशपुरा के मामले में कार्रवाई की जाएगी। -सूरज राय, डीसीपी सिटी
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