फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लॉकडाउन में साइबर अपराधियों ने बदला ठगी का तरीका, इस तरह फंसा रहे लोगों को जाल में

Wed, 20 May 2020 12:40 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

साइबर अपराधी लोगों को कॉल करके कभी लाटरी तो कभी परिचित बनकर दे रहे झांसा 
विज्ञापन
साइबर सुरक्षा - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लॉकडाउन में साइबर अपराधियों ने ठगी का तरीका बदल लिया है। अब बैंक मैनेजर और कर्मचारी नहीं, बल्कि परिचित बनकर कॉल कर रहे हैं। यह कॉल भी अब झारखंड से नहीं राजस्थान के भरतपुर जिले के कामां में सक्रिय गैंग कर रहे हैं। हाल में हुई वारदात में कामां से ही कॉल किए गए थे। यहां पर मेव गैंग सक्रिय है।

विज्ञापन


केस : 1
डेढ़ महीने पहले बीएसएनएल कर्मचारी के पास एक कॉल आया था। कॉल करने वाले खुद को परिचित बताकर फोन पे पर रकम भेजने का झांसा दिया। इसके बाद खाते से सवा लाख रुपये निकाल लिए थे। पीड़ित कर्मचारी ने साइबर सेल में शिकायत की। जांच में पता चला कि कॉल भरतपुर के कामां से आया था। 


केस : 2
एक महीने पहले पीएसी कर्मी के पास एक कॉल आया था। कॉल करने ने वाले परिचित बताकर खाते में रकम भेजने का झांसा दिया था। इसके बाद पीएसी कर्मी के खाते से एक लाख रुपये निकाल लिए थे। पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की। इसके बाद जांच की गई। जांच में पता चला कि कामां से काल किया गया था। 

विज्ञापन

झारखंड में सक्रिय साइबर अपराधी लोगों को कॉल करके ठगी करते थे। इन गैंग पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस ने झारखंड पुलिस से संपर्क किया था। अब साइबर अपराधियों के कई और गैंग सक्रिय हो गए हैं। पिछले दिनों बाह और पिनाहट के चंबल के इलाके में गैंग पकड़ा गया था। 

'आपकी 25 लाख की लॉटरी लगी है' इस झांसे में बिल्कुल मत आना, साइबर अपराधी कर रहे हैं ठगी

गैंग लोगों के साथ फोन करके ठगी करता था। अब भरतपुर के कामां में सक्रिय मेव गैंग के सदस्य लोगों को परिचित बनकर कॉल कर रहे हैं। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है। पुलिस ने गैंग को टारगेट पर भी ले लिया है। पुलिस टीम गैंग के सदस्यों की गिरफ्तारी के प्रयास में लगी है। 
विज्ञापन

साइबर क्राइम थाना में सुविधाओं का अभाव 

20 मार्च को जिले में रेंज का पहला साइबर क्राइम थाना खोला गया था। थाना खुलने के बाद लॉकडाउन हो गया। इस कारण थाना में कर्मचारियों की तैनाती नहीं हो सकी। वहीं सिस्टम भी नहीं लग सके, जिससे साइबर अपराधियों के बारे में पता किया जा सके। 

साइबर क्राइम थाना में एक लाख से अधिक की ठगी के दस से अधिक मामले आ चुके हैं, लेकिन जांच साइबर क्राइम सेल की मदद से ही हो रही है। थाना के पास अभी अपनी कोई विशेष टीम नहीं हैं। सिर्फ एक दरोगा ओर दो सिपाही के हवाले ही थाना है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें