फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

साइबर अपराध: तीन रुपये में बेचता था क्रेडिट कार्डधारक का डाटा, एसटीएफ ने किया गिरफ्तार

Thu, 11 Feb 2021 01:37 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • कॉल सेंटर का ऑपरेटर तीन रुपये में बेचता था एक ग्राहक का डाटा  
  • एसटीएफ ने दिल्ली से किया गिरफ्तार, एक्सेल फाइल में रखता था सुरक्षित
विज्ञापन
आरोपी प्रदीप - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

विशेष कार्य बल (एसटीएफ) की नोएडा यूनिट ने बैंकों के क्रेडिट कार्ड ग्राहकों का डाटा चोरी करके बेचने के मामले में एक और आरोपी प्रदीप को गिरफ्तार कर लिया। वह एक बैंक के कॉल सेंटर में डाटा एंट्री ऑपरेटर का काम कर रहा था। अपने साथी सेंटर के ही दूसरे कर्मचारी सुलेमान को तीन रुपये में एक ग्राहक का डाटा बेच देता था। प्रदीप के मोबाइल की गूगल ड्राइव में 1500 लोगों का डाटा मिला है। 

विज्ञापन


आगरा जिले के थाना खेरागढ़ के गांव भिलावली निवासी गजेंद्र सिंह का क्रेडिट कार्ड बनाकर फर्जी तरीके से 20589 रुपये की शॉपिंग कर ली गई थी। मामले में थाना में मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस ने पिछले दिनों दिल्ली के गैंग के सरगना सौरभ भारद्वाज सहित चार को गिरफ्तार किया था। 

गैंग बैंकों के कॉल सेंटर के कर्मचारियों से ग्राहकों का डाटा खरीदता था। इसके बाद सदस्य ग्राहकों को क्रेडिट कार्ड पहुंचने से पहले कॉल करके जानकारी लेते थे। क्रेडिट कार्ड से अपनी फर्जी शॉपिंग साइट पर शॉपिंग करके रकम अपने खातों में भेजकर निकाल लेते थे। उनका सहयोग दिल्ली की मोनिका उर्फ शिल्पी करती थी। पुलिस ने मंगलवार को मोनिका को गिरफ्तार किया था। उसे एक बैंक के कॉल सेंटर का कर्मचारी सुलेमान डाटा देता था। पुलिस ने उसे भी पकड़ लिया था। 

विज्ञापन

कॉल सेंटर से ही पकड़ा आरोपी
एसपी ग्रामीण पश्चिमी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि सुलेमान से पूछताछ में पता चला था कि कॉल सेंटर में दिल्ली का प्रदीप डाटा एंट्री का काम करता है। कॉल सेंटर मोती नगर दिल्ली में है। यहां पर भारतीय स्टेंट बैंक के ग्राहकों का डाटा आता था। वह बैंक से आने वाले डाटा को कॉपी करके अपने मोबाइल में सुरक्षित कर लेता था। 

इसके बाद सुलेमान को तीन रुपये प्रति ग्राहक के हिसाब से बेच देता था। सुलेमान मोनिका को सात से आठ रुपये में डाटा देता था। मंगलवार को प्रदीप को भी कॉल सेंटर से गिरफ्तार कर लिया गया। उसे थाना खेरागढ़ पुलिस के हवाले कर दिया। उसे जेल भेज दिया गया है। 

मोबाइल से किया डिलीट, गूगल ड्राइव में मिला 
पुलिस और एसटीएफ के मुताबिक, प्रदीप के मोबाइल की जांच की थी। मगर, उसमें डाटा डिलीट मिला। इस पर उसके गूगल ड्राइव को चेक किया गया है। इसमें तकरीबन 1500 लोगों का डाटा मिल गया। इसमें ग्राहकों के क्रेडिट सहित अन्य निजी जानकारी है। वहीं मोनिका के मोबाइल में पांच हजार लोगों का डाटा मिला है। उसने यह मोबाइल में ही रखा हुआ था। उसके डाटा की जांच की जा रही है। 
विज्ञापन

एसटीएफ के रडार पर छह बैंकों के कॉल सेंटर के कर्मचारी 
पुलिस और एसटीएफ के मुताबिक, गैंग छह बैंकों के ग्राहकों का डाटा काल सेंटर के कर्मचारियों की मिली भगत से लेता था। अभी दिल्ली के नदीम का भी नाम सामने आया है। वहीं मोनिका की बहन भी गैंग में शामिल थी। अब पुलिस उसकी भी तलाश कर रही है। इन दोनों की गिरफ्तारी के लिए भी टीम लगी है। इसके अलावा भी अन्य कॉल सेंटर के कर्मचारी भी रडार पर हैं। पुलिस उनके बारे में जानकारी जुटा रही है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें