कासगंज सोरों में सूने पड़े हरिपदी गंगा के घाट
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सोरों (कासगंज)। कोरोना संक्रमण को लेकर सोमवती अमावस्या पर स्नान पर कड़ी पाबंदी रही। सख्ती की वजह से हरि की पदी गंगाघाट सूने रहे। राजस्थान, मध्यप्रदेश सहित विभिन्न राज्यों के अलावा प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालु घाट तक नहीं पहुंच सके। जबकि पुरोहित अस्थि विसर्जन संस्कार और कर्मकांड भी नहीं करा पाए।
श्रावण मास की सोमवती अमावस्या पर स्नान का विशेष महत्व है। इस पर्व पर सोमवार को स्नान के लिए श्रद्धालुओं ने घाटों तक पहुंचने की कोशिश की। लेकिन पुलिस की कड़ी चौकसी के कारण ऐसा संभव नहीं हो पाया। श्रद्धालु पुलिस से बैरियरों पर अनुमति मांगते रहे, लेकिन उन्हें अनुमति नहीं दी गई। कई श्रद्धालुओं ने दूसरे राज्यों के वाहन पास भी दिखाए। कैनाल बाईपास, राजकोल्ड स्टोरेज, गोरहा पुल, सोरों के कासगंज गेट, कछला गेट सहित सभी इलाकों को सील किया गया था।
स्वयं कर दिए पिंडदान
वैसे तो हरि की पदी के घाट पूरी तरह सूने रहे। कुछ श्रद्धालु ऐसे रहे जो चोरी-छिपे घाट पर पहुंच गए, लेकिन वहां विसर्जन और कर्मकांड के लिए पुरोहित नहीं थे। ऐसे में श्रद्धालुओं ने स्वयं पिंडदान करते हुए पितरों का तर्पण किया।
- हम मध्यप्रदेश के बिचपुरी से आए हैं। मध्यप्रदेश सरकार से वाहन पास भी जारी कराया, लेकिन पुलिस बैरियर से आगे नहीं बढ़ने दे रही। - हरी शंकर।
- पितरों के तर्पण के लिए अमावस्या पर तीर्थनगरी सोरों जा रहे थे। 4 हजार रुपये हमने किराए की गाड़ी में खर्च किए, लेकिन स्नान नहीं कर सके। - सुषमा देवी।
- कोरोना संक्रमण के कारण स्नान पर रोक रही। जगह-जगह पुलिस तैनात की गई और बैरियरों पर प्रभावी ढंग से सख्ती कराई गई। - आरके तिवारी, सीओ सिटी।