यूपी में मैनपुरी के गांव सतियाहार निवासी सीआरपीएफ जवान ने बीमारी से तंग आकर खुदकुशी कर ली। वह छत्तीसगढ़ के बीजापुर में तैनात थे। बुधवार सुबह जब शव गांव लाया गया। राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
शव के साथ केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की यूनिट से आए असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर अवधेश अहमद ने बताया कि असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर जवाहर लाल जाटव 229वीं बटालियन की ई-कंपनी में तैनात थे। उनकी तैनाती बीजापुर जनपद के मोरकिनार में थी। उन्होंने बताया कि जवाहर लाल को छत्तीसगढ़ में मलेरिया बुखार हो गया था।
वह बेहद कमजोर हो गए थे। भाई किशोरी लाल और भांजा अनिल उन्हें एक माह की छुट्टी पर घर ले आए थे। इलाज के दौरान आराम न मिलने पर वह एक माह बिना छुट्टी के ही घर पर रुक गए थे। लेकिन जब यूनिट ने उन्हें नोटिस दिया। तब वह सात नवंबर को यूनिट में वापस चले गए थे।
बाद में भी अधिकारियों ने उन्हें एक माह का अवकाश दे दिया। इसी कारण जब यूनिट के बाकी सदस्य जंगलों में नक्सलियों के खिलाफ कांबिंग करने जाते थे। तो जवाहरलाल यूनिट में ही रहते थे। उनके नाम पर कोई रायफल भी जारी नहीं की गई थी।
साथी की राइफल से मारी गोली
महिलाएं विलाप करती हुईं
- फोटो : अमर उजाला
साथी जवान अवधेश अहमद के अनुसार जवाहरलाल बीमारी के कारण बेचैन रहने लगे थे। शायद इसी कारण उन्होंने पांच दिसंबर की शाम करीब छह बजे साथी की राइफल लेकर खुद को गोली मार ली।
बाद में बीजापुर से रायपुर तक उनके शव को हेलीकॅप्टर द्वारा लाया गया तथा रायपुर से वायुसेना के जहाज एएन32 द्वारा दिल्ली लाया गया। दिल्ली से सीआरपीएफ की 194वीं बटालियन के जवान उनके मृत शरीर को अपने वाहन द्वारा उनके गांव तक लाए।
अंतिम संस्कार के दौरान एक जवान से अभद्रता
जब सीआरपीएफ जवान मृतक के शव को कंधे पर रख कर श्मशान की ओर ले जाने लगे तो गांव के ही कुछ अराजकतत्वों जिनमें एक महिला भी शामिल थी। मृतक परिवारीजनों को भड़काने की कोशिश की। उनका कहना था कि यदि दाह संस्कार को रोक दिया जाए तो प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री भी यहां आने को मजबूर हो जाएंगे।
इस बीच एक महिला कॉफीन को पकड़ कर लटक गई। सीआरपीएफ जवान ने उसे रोकने का प्रयास किया तो उसने जवान पर थप्पड़ चला दिया, लेकिन जवान ने अपना धैर्य नहीं खोया और चुपचाप स्थिति को संभाल लिया। इसके बाद मृतक जवान के परिवारीजनों ने स्थिति को संभाल लिया।