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पुलवामा आतंकी हमला: वतन पर कुर्बान हुए कहरई के कौशल किशोर व घौलपुर के भागीरथ

Fri, 15 Feb 2019 06:25 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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शहीद कौशल किशोर व शहीद भागीरथ सिंह (दाएं)
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पुलवामा आतंकी हमले में शहीद होने वाले सीआरपीएफ जवानों में आगरा के कहरई गांव के कौशल किशोर रावत (48) भी शामिल हैं। वह सीआरपीएफ में नायक (एएसआई) के पद पर तैनात थे। वह 115 बटालियन में सिलिगुड़ी में नियुक्त थे। कुछ दिन पहले ही कश्मीर में 76 बटालियन में तैनाती हुई थी। इसमें ज्वाइन करने के लिए ही पहुंचे थे कि आतंकी हमला हो गया।

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किसान गीताराम राकेश के बहादुर बेटे कौशल किशोर की नई बटालियन में ज्वाइनिंग गुरुवार को ही होनी थी। वह इसी के लिए जा रहे थे। इससे पहले सड़क पर बर्फ जमी होने के कारण काफिला जा नहीं पा रहा था। ज्वाइनिंग के दिन ही उनकी शहादत हो  गई।

वह उसी गाड़ी में सवार थे जिसे आतंकियों ने धमाके से उड़ा दिया। इसी हमले में कौशल किशोर शहीद हो गए। उनके भाई कमल किशोर रावत ने बताया कि परिवार के कई लोग सीआरपीएफ में हैं। उनसे ही जानकारी मिली। शहादत का पता चलते ही कहरई में गम और गुस्सा पसर गया।

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आतंकी हमले के बाद की तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
कौशल ने कई आतंकी किए थे ढेर 
कौशल किशोर 1990 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे। 1992 में उनकी शादी हुई। वह ज्यादातर समय श्रीनगर में तैनात रहे। कश्मीर में कई बार आतंकियों का मुकाबला किया। मुठभेड़ में अपनी टीम के साथ आतंकियों को ढेर किया था। गांव में उनकी बहादुरी के किस्से हर जुबान पर हैं।

पत्नी और बच्चे कहरई के लिए रवाना हुए
शहीद कौशल किशोर की पत्नी और बच्चे गुड़गांव में रहते हैं। परिवार के कई और लोग उनके साथ रहते हैं। कौशल ने वहां मकान बना लिया था। शहादत की खबर आते ही परिजन पैतृक निवास कहरई के लिए चल दिए। कौशल के तीन बच्चों में दो बेटे और एक बेटी है। बेटी अपूर्वा सबसे बड़ी है। उसकी शादी हो चुकी है। बड़ा बेटा अभिषेक रूस से एमबीबीएस कर रहा है। छोटा बेटा विकास गुड़गांव में ही मां के साथ रहता है। वह 12 वीं कर रहा है।

शादी समारोह सादगी से किए गए
भारी भीड़ जमा हो गई कौशल किशोर के घर पर। गांव में कई शादी समारोह चल रहे थे। कौशल की शहादत का पता चलते ही यहां बैंड बाजे बंद करा दिए गए। लोगों ने सादगी से रस्में पूरी कीं।
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पुलवामा में शहीद हुआ धौलपुर का लाल भागीरथ सिंह 

पुलवामा - फोटो : self
कश्मीर के पुलवामा में गुरुवार शाम को हुए आतंकी हमले में धौलपुर के लाल भागीरथ सिंह शहीद हो गए। शहीद भागीरथ सिंह धौलपुर जिले के राजाखेड़ा उपखंड क्षेत्र के थाना दिहौली के गांव जैतपुर के रहने वाले हैं। आतंकी हमले में भागीरथ की शहादत की खबर मिलने के बाद में इलाके में शोक की लहर है। 

कश्मीर के पुलवामा इलाके में हुए आतंकी हमले में शहीद हुए केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स के 44 जवानों में धौलपुर के लाल शहीद भागीरथ सिंह भी शामिल हैं। शहीद भागरथ सिंह सीआरपीएफ की 45 वीं बटालियन का हिस्सा थे। शहीद भागीरथ सिंह के गांव जैतपुर निवासी सरपंच कपूर चंद गुर्जर ने बताया कि भागीरथ सिंह दो दिन पूर्व 12 फरवरी को ही छुट्टी काटने के बाद में अपनी ड्यूटी पर कश्मीर रवाना हुए थे। 

शहीद भागीरथ सिंह के पिता परशुराम सिंह किसान हैं। दो भाईयों में सबसे बडे़ शहीद भागीरथ सिंह के छोटे भाई बलवीर सिंह यूपी पुलिस में कार्यरत हैं तथा फिलहाल आगरा जिले के फतेहाबाद थाने पर तैनात हैं। शहीद भागीरथ सिंह अपने पीछे पत्नी रंजना देवी तथा दो बच्चे समेत पूरा परिवार छोड़ गए हैं। 

सरपंच कपूर चंद गुर्जर ने बताया कि करीब 27 साल की छोटी सी उम्र में ही भागीरथ सिंह ने अपने गांव जैतपुर तथा धौलपुर जिले का नाम रोशन किया है। इलाके के लोगों को उनकी शहादत पर फख्र है। उधर, जैसे ही भागीरथ सिंह की शहादत की खबर गांव पहुंची तो वहां मातम छा गया। इलाके में लोग गमगीन हैं तथा भागीरथ सिंह की बहादुरी की चर्चा कर रहे हैं।
 
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