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करोड़ों खर्च फिर भी पीने को नहीं शुद्ध पानी: हैंडपंपों ने दिया धोखा, टंकियां पड़ी सूखीं, गर्मी में भीषण किल्लत

Thu, 18 May 2023 12:13 PM IST
भूपेन्द्र सिंह देवेश शर्मा, आगरा

सार

आगरा में पेयजल के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए गए फिर भी लोगों को पीने का शुद्ध पानी नहीं मिल रहा है। गर्मी में हैंडपंपों ने धोखा दे दिया है। टंकियां सूख गई हैं। गर्मी में पानी की भीषण किल्लत है। 
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करोड़ों खर्च फिर भी पीने को नहीं शुद्ध पानी: हैंडपंपों ने दिया धोखा, टंकियां पड़ी सूखीं - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के आगरा में अछनेरा ब्लॉक के महुअर गांव में पेयजल व्यवस्था के लिए तीन करोड़ रुपये तो खर्च किए गए, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। भीषण गर्मी में गांव की महिलाएं बच्चे और विकलांग दूर दराज खेतों से पीने का पानी लेकर आ रहे। गांव के लोगों में जल निगम के अधिकारियों के प्रति आक्रोश व्याप्त है।

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बताते चलें महुअर गांव की आबादी 5000 के करीब है। वर्ष 2009 में ग्रामीणों की सुविधा के लिए दो करोड़ रुपये की लागत से टंकी का निर्माण किया गया। साथ ही पानी की आपूर्ति के लिए गांव में पाइप लाइन बिछाई गई। बताया जाता है कि एक माह तक तो ग्रामीणों को पानी मिला, लेकिन उसके बाद पानी की टंकी में खराबी आ गई। इसके बाद से टंकी सफेद हाथी बनकर रह गया है। 

इसके अलावा वर्ष 2021 में जल निगम की तरफ से सबमर्सिबल की बोरिंग कराई गई। इसके साथ गांव की गलियों में फिर से पाइप लाइन बिछाई गई। इस कार्य में करीब एक करोड़ 34 लाख 37,000 रुपये खर्च हुए थे। लेकिन, तीन माह से इस पाइप लाइन में भी पानी की आपूर्ति नहीं आ रही। इससे ग्रामीणों के समक्ष पेयजल संकट गहरा गया है। साथ ही गर्मी में लोगों की परेशानी बढ़ गई है।

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सिर्फ एक टीटीएसपी टंकी चालू

महुअर गांव में 12 टीटीएसपी टंकियां लगी हुई हैं। लोगों के शिकायत करने पर चार माह पूर्व ब्लॉक के अधिकारियों ने एक टंकी को चालू करा दिया। इस टंकी पर गांव के लगभग 500 लोग पानी भरने आते हैं। जबकि लगी 11 टंकियां खराब पड़ी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत के बाद भी ग्राम प्रधान शीला देवी ने टंकियों को चालू नहीं कराया।

दबंगों ने किया सबमर्सिबल पर कब्जा

महुअर गांव निवासी अजय गर्ग ने बताया है कि गांव में सप्लाई करने के लिए एक व्यक्ति के खेत के पास सबमर्सिबल की बोरिंग कराई गई। लेकिन खेत के स्वामी ने सबमर्सिबल पर कब्जा जमा लिया है। अब वो गांव में पेयजल की आपूर्ति नहीं कर रहा। ग्रामीण अजय के अनुसार खेत का स्वामी दबंग किस्म का है, लोगों के विरोध करने पर वह झगड़ा करने पर उतारू हो जाता है, लेकिन सबमर्सिबल नहीं चलाने देता।

गर्मी में हाल बेहाल

महुअर गांव की मीना शर्मा ने बताया कि गांव में पेयजल की आपूर्ति न होने से गर्मी में हाल बेहाल है। वो पानी खरीदकर अपनी तथा अपने अपने परिवार की प्यास बुझा रही हैं। पानी न मिलने से पशु बीमार पड़ रहे हैं।

मुख्य अभियंता प्रदीप खंडेलवाल ने बताया कि महुअर गांव में पेय जलापूर्ति की समस्या जल निगम के संज्ञान में नहीं है। यदि समस्या है तो उसका समाधान कराया जाएगा।
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