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UP: खेत में काम कर रहे किसान के सामने आचानक आया मगरमच्छ, छूट गए पसीने...वाइल्डलाइफ एसओएस ने किया रेस्क्यू

Fri, 04 Apr 2025 10:19 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

किसानों ने एक बड़े मगरमच्छ को गेहूं के खेत में देखा। शोर सुनकर आस-पास के खेतों में काम कर रहे अन्य किसान भी निकल आए। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग और वाइल्ड लाइफ एसओएस की टीम ने मगरमच्छ को रेस्क्यू कर उसके प्राकृतिक रहवास में वापस छोड़ दिया।
 
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मगरमच्छ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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फिरोजाबाद के माधीपुर गांव में बृहस्पतिवार को हल्ला मच गया जब किसानों ने एक बड़े मगरमच्छ को गेहूं के खेत में देखा। शोर सुनकर आस-पास के खेतों में काम कर रहे अन्य किसान भी निकल आए। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग और वाइल्ड लाइफ एसओएस की टीम ने मगरमच्छ को रेस्क्यू कर उसके प्राकृतिक रहवास में वापस छोड़ दिया।
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खेत में काम करते समय आया नजर
घटनाक्रम सुबह का है। एक किसान को गेंहूं के खेत में मगरमच्छ नजर आया। फिर क्या था, पूरे गांव में हल्ला मच गया। ग्रामीण अपना काम-छोड़कर खेत की ओर मगरमच्छ देखने के लिए जुटने लगे। इधर लोगों की बढ़ती भीड़ से घबराया मगरमच्छ झाडि़यों में जा छिपा। ग्रामीणों की सूचना पर वाइल्ड लाइफ एसओएस की तीन सदस्यीय टीम बचाव उपकरण और बड़े पिंजरे के साथ घटनास्थल पर पहुंची। करीब दो घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद करीब 6 फीट लंबे मगरमच्छ को सुरक्षित बचा लिया गया। 

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जलाशय में छोड़ा गया
बाद में उसे एक जलाशय में छोड़ दिया गया। वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक कार्तिक सत्यनारायण ने ग्रामीणों का धन्यवाद किया। डायरेक्टर कंजरवेशन प्रोजेक्ट्स, बैजू राज एम.वी. ने कहा लोग अब जागरूक हुए हैं वो जंगली जानवरों को मारने के बजाए वाइल्ड लाइफ एसओएस से संपर्क करते हैं।

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ये दी गई जानकारी
जसराना, फिरोजाबाद के रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर, आशीष कुमार ने बताया कि यह मगरमच्छ जिसे मार्श मगरमच्छ भी कहा जाता है, भारत के अलावा श्रीलंका, बर्मा, पाकिस्तान और ईरान के कुछ हिस्सों का मूल निवासी है। यह आमतौर पर नदियों, झीलों, पहाड़ी नालों, गांव के तालाबों और मानव निर्मित मीठे पानी के जलाशयों में पाए जाते हैं।
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