हाईवे पुलिस ने बाकलपुर में श्रीगोविंद सरस्वती इंटर कॉलेज से परीक्षार्थी सुनील पुत्र सुल्तान सिंह निवासी नौगढ़, फतेहाबाद आगरा को पकड़ा है। इसके बाद स्कूल के बाहर से सुनील के मौसेरे भाई मुकेश पुत्र चंद्रपाल सिंह को पकड़ा गया।
इन्होंने अपनी बनियान में डिवाइस लगा रखी थी। उधर, महावन पुलिस ने केके डिग्री कॉलेज से डिगेंद्र पुत्र राजकुमार निवासी पिसावा अलीगढ़ को पकड़ा है। वह भी डिवाइस के जरिए नकल कर रहा था।
उधर, सीओ रिफाइनरी राकेश कुमार ने बताया कि एसटीएफ ने भी सॉल्वर गैंग के तीन सदस्य पकड़े हैं। इनमें पवन (सरगना) पुत्र सोबरन निवासी मई, इगलास अलीगढ़, राजकुमार पुत्र सुरेंद्र सिंह निवासी इगलास अलीगढ़ और जीवन सिंह निवासी इगलास अलीगढ़ है।
नोएडा और आगरा की एसटीएफ की सॉल्वर गैंग के खिलाफ कार्रवाई से खलबली मची रही। एसटीएफ पकड़े गए सॉल्वर गैंग के सदस्यों को लेकर आगरा गई है। एसटीएफ पकड़े गए सॉल्वर गैंग के सदस्यों की निशानदेही पर अन्य सदस्यों को पकड़ने के लिए दबिश दे रही है।
पांच से 10 लाख में लेते थे ठेका
पुलिस भर्ती परीक्षा में लिखित परीक्षा में पेपर सॉल्व कराने से लेकर फिजिकल परीक्षा में पास कराने के एवज में पांच से 10 लाख रुपये लिए गए थे। एसटीएफ की मानें तो करीब 50 परीक्षार्थियों से यह लोग रकम ले चुके थे।
एसटीएफ अब इस गैंग की जड़ें खंगाल रही है, जिससे कि बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकेगा। सीओ महावन पीपी सिंह ने बताया कि पकड़े गए गैंग से पूछताछ की जा रही है। सिपाही भर्ती में पकड़े गए परीक्षार्थियों ने 20-20 हजार रुपये में डिवाइस खरीदी थीं। यह लोग डिवाइस को बनियान में छिपाकर सॉल्वर गैंग की मदद से नकल कर रहे थे।
‘सॉल्वर गैंग की कमर तोड़कर रख दी जाएगी। किसी भी कीमत पर परीक्षा में नकल नहीं होने दी जाएगी। यह डिवाइस कहां से खरीदी गई इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। इन परीक्षार्थियों का सॉल्वर गैंग से कनेक्शन भी खंगाला जा रहा है। ’
एसएसपी, सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज