आगरा के फरैरा गांव में शराब के लिए रुपये न देने पर 23 जनवरी को कुल्हाड़ी से काटकर पत्नी की हत्या करने वाले कालीचरन का शव मंगलवार को बटेश्वर मार्ग पर चंबल नहर के पास खंदी में मिला। उसके गले पर खरोंच के निशान थे।
हाथ की अंगुलियां भी कटी थी। मामले में लोग हत्या और आत्महत्या की चर्चाएं करते रहे। पुलिस का कहना है कि अंगुलियों को शायद जानवर खा गए होंगे। पोस्टमार्टम से पता चलेगा कि मामला हत्या का है या आत्महत्या का।
फरैरा गांव की रहने वाली ज्ञानश्री (45) की उसके पति कालीचरन ने शराब के लिए रुपये न देने पर कुल्हाडी से काटकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने मृतका के पुत्र भावेश की तहरीर पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर वारदात में प्रयुक्त कुल्हाड़ी बरामद की थी।
तहसील में बेटों के नाम लिख गया जमीन
तब से फरार चल रहे हत्यारोपी कालीचरन मंगलवार को बटेश्वर मार्ग पर चंबल नहर के नजदीक दिलीप के खेत के पास मृत मिला। मामले में सीओ बाह सत्यम ने भी परिजन और रिश्तेदारों से पूछताछ की। सीओ ने बताया कि शव हत्या कर यहां फेंका गया है या आत्महत्या की है।
पत्नी की हत्या के बाद 23 जनवरी को फरार हुआ कालीचरन 25 जनवरी को तहसील पहुंचा था। जहां उसने अपने बेटे 15 साल के भावेश, 13 साल के रामभरत के नाम अपने हक की दो बीघा जमीन लिखी है। नाबालिग बेटों का संरक्षक अपने भाई लाखन सिंह को बनाया है।
जाहिर है कि इस प्रक्रिया के लिए 3-4 घंटे हत्यारोपी कालीचरन तहसील परिसर में रहा होगा। इसी परिसर में सीओ बाह का कार्यालय भी है। यहां से 50 गज की दूरी पर थाना है। पर, पुलिस को उसकी भनक तक नहीं लग सकी।
लोगों ने कहा, हत्या का लग रहा मामला
कालीचरन के शव के गले में न तो कोई फंदा था और न ही आसपास रस्सा या अंगौछा आदि मिला। गले पर खरोंच के निशान जरूर थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आत्महत्या जैसे हालात बिल्कुल भी नहीं थे। घटनास्थल देखने से हत्या का शक हो रहा है।