दीवानी चौराहा स्थित भारत माता की प्रतिमा गुरुवार की रात को खंडित कर दी गई। शुक्रवार सुबह इस खुराफात का पता चलने पर लोग भड़क गए। भाजपाइयों और हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने जबरदस्त हंगामा कर एमजी रोड पर जाम लगा दिया। पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रतिमा के सामने ही तीन घंटे धरना दिया। दोपहर तक चले बवाल के बाद प्रशासन ने नई प्रतिमा लगवाए जाने का आश्वासन दिया। तब जाकर मामला शांत हुआ। इस दौरान दो सीओ और चार थानों की फोर्स तैनात रही।
एडीएम सिटी धर्मेंद्र सिंह और प्रभारी एसपी सिटी विद्या सागर मिश्र के सामने तीन मांगे रखी गई। खुराफातियों को गिरफ्तार कर एनएसए लगाया जाए। नई प्रतिमा बनवाकर स्थापित कराई जाए। और सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। अधिकारियों ने तीनों मान लीं। हंगामा प्रदर्शन में भाजपा, आरएसएस, विहिप, हिंदू जागरण मंच, हिंदू युवा वाहिनी, भारत विकास परिषद शामिल रहे।
इनमें उत्तर सीट से विधायक जगन गर्ग, दक्षिण विधायक योगेंद्र उपाध्याय, जिलाध्यक्ष श्याम भदौरिया, महानगर अध्यक्ष विजय शिवहरे, पूर्व मंत्री रामबाबू हरित, पूर्व विधायक विधायक केशो मेहरा, जितेंद्र चौहान, हेमंत भोजवानी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत संपर्क प्रमुख अशोक कुलश्रेष्ठ, अश्वनी वशिष्ठ, भानु महाजन, अशोक पिप्पल, संजीव चौबे, नीतेश शिवहरे, गौरव राजावत, मनीष थापक, प्रमेंद्र जैन, दिनेश अगरिया प्रमुख रहे।
दूसरी बार खंडित की गई प्रतिमा
भारत माता की प्रतिमा को दूसरी बार खंडित किया गया। इससे पहले 2012 में खंडित की गई थी। तब भी भारी बवाल हुआ था। लगभग साढ़े तीन महीने बाद नई प्रतिमा लगाई गई थी। इसकी स्थापना वर्ष 2000 में भाजपा नेत्री सुषमा स्वराज ( वर्तमान में केंद्रीय मंत्री) के हाथों की गई थी। 30 सितंबर 2007 को प्रदेश के तत्कालीन उद्यान मंत्री नारायण सिंह सुमन और तत्कालीन सांसद राजबब्बर ने भारत माता पार्क एवं छतरी का लोकार्पण किया था।
चार नवंबर को ही हुआ था अनावरण
प्रतिमा को चार नवंबर को खंडित किया गया है। इसका अनावरण भी चार नवंबर को ही 2012 में किया गया था। अनावरण के लिए भाजपा नेता राजनाथ सिंह ( वर्तमान में केंद्रीय गृहमंत्री) आए थे। तब प्रशासन ने आश्वासन दिया था कि प्रतिमा के आस पास पुलिस तैनात की जाएगी। सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे। लेकिन बाद में दोनों में से एक भी काम नहीं किया गया।