पहले अफसरों ने वायदे किए, अब नेता आश्वासन दे रहे हैं, लेकिन हमें तत्काल पासपोर्ट चाहिए। ताकि जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे अपने बेटे पास यूक्रेन जा सकें...। यह पीड़ा है यूक्रेन में हमले में घायल हुए छात्र इंद्रजीत चौहान के पिता नरेंद्र चौहान की। उनका कहना है कि अभी तक न तो पासपोर्ट के लिए उनका फार्म भरवाया गया है और न ही किसी भी स्तर पर कोई प्रक्रिया शुरू हुई है। उन्होंने बताया कि बेटे की हालत अब कुछ ठीक है।
वह आईसीयू से बाहर आ गया है। मंगलवार रात उससे बात हुई थी। सिर का ऑपेरशन हुआ है। उसकी मां नीरा चौहान ने खाना छोड़ रखा है। पूरे दिन देवी मां से प्रार्थना करती रहती है, ‘मेरे बेटे की रक्षा करना।’ उसकी दोनों बहनें भी रात-दिन चिंता में डूबी हैं। सभी रिश्तेदार आ चुके हैं। सभी ने यही कहा कि बेटे के पास जाना चाहिए, उससे हौसला मिलेगा, लेकिन क्या करें पासपोर्ट नहीं है।
हमले से सहम गए हैैं भारतीय छात्र
नरेंद्र चौहान ने बताया कि हमले के बाद से यूक्रेन में रह रहे सभी भारतीय छात्र सहमे हुए हैं। हालांकि वहां की पुलिस सुरक्षा का भरोसा दे रही है और हमलावर छात्र गिरफ्तार किए जा चुके हैं, लेकिन उनके मन से डर नहीं निकल रहा है। उन्होंने बताया कि कई अभिभावकों के फोन उनके पास आ चुके हैं।
विदेशों में पढ़ने वाले छात्रों की मदद करेगी भारत सरकार : कठेरिया
आगरा। मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डा. रामशंकर कठेरिया ने कहा है कि विदेशों में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों की भारत सरकार पूरी सहायता करेगी। छात्रों की सुरक्षा को लेकर सरकार चिंतित है। यूक्रेन में हुए हमले में घायल छात्र इंद्रजीत सिंह चौहान के परिवार से मिलने पहुंचे केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि विदेशों में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों की सुरक्षा को लेकर हमारी विदेश मंत्री सुषमा स्वराज भी चिंतित हैं।
यल छात्र इंद्रजीत के संबंध में सुषमा स्वराज ने पूरी जानकारी ली है। उन्होंने इंद्रजीत के परिजनों को धैर्य बनाये रखने के लिए कहा है। सरकार की तरफ से जो भी मदद होगी, वह उपलब्ध करायी जाएगी। इंद्रजीत को शीघ्र भारत लाने की व्यवस्था की जाएगी। इस मौके पर मंत्री प्रतिनिधि अनिल चौधरी, शरद चौहान, अनिरुद्ध भदौरिया, विजय भदौरिया, सुमित कठेरिया आदि मौजूद थे।