पुलिस का कहना है कि जब लालाराम और रोहताश घर नहीं पहुंचे और परिवार वालों से कोई संपर्क नहीं हो सका था तो लालाराम के बड़े भाई चिरंजीलाल ने थाना हथीन में मुकदमा दर्ज कराया। उधर, कार में दो लोगों के शव मिले थे।
शुक्रवार को पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे चिरंजीलाल की मानें तो सात जनवरी को कोसीकलां के गांव चंदौरी से उनकी बहन अनोखी और श्यामवती का फोन आया कि बरसाना-छाता मार्ग पर ईको गाड़ी में दो युवकों के जले दो शव मिले हैं।
जानकारी पाकर परिवार वाले पहले बरसाना पहुंचे और फिर पोस्टमार्टम हाउस। लापता लालाराम के बड़े भाई ने पोस्टमार्टम गृह पर पत्रकारों को बताया कि इस कदर शव जले हुए हैं कि पहचान नहीं हो पा रही है।
दो युवकों के शव में से एक के सीधे हाथ की अंगुली में अंगूठी और जले हुए मोटे जुराब भी हैं। यह शव दूसरे शव की अपेक्षा कम जला है, जो कि गाड़ी के बाहर पड़ा मिला था। ग्रामीणों की मानें तो कुंवरपाल का शव प्रतीत हो रहा है। वहीं अगर यह शव कुंवरपाल का प्रतीत हो रहा था तो बुरी तरह से जला शव किसका है।
रात 11 बजे लालाराम की पत्नी से हुई मोबाइल से बात
लालाराम की आखिर बार बात पत्नी सुमन से हुई। सुमन ने पति लालाराम से कब तक घर पहुंचने का पूछा था, तो लालाराम ने 15 मिनट में पहुंचने का जवाब दिया। 15 मिनट बाद लालाराम नहीं पहुंचा तो फिर पत्नी ने मोबाइल पर फोन किया।
उसके बाद मोबाइल बंद जाने लगा। लगातार फोन किए पर फोन बंद होने के कारण जवाब नहीं मिला। लालाराम के भतीजे नरेश कुमार की मानें तो चाची से बातचीत में चाचा की दबी आवाज आ रही थी। फिलहाल कार में मरने वाले दो युवकों की मौत की गुत्थी उलझती जा रही है।