पुलिस को उस पर शक था। राजपाल फरार था। सोमवार को दोनों गिरफ्तार कर लिए। थाना एत्माद्दौला के प्रभारी निरीक्षक उदयवीर मलिक ने बताया कि दोनों भाइयों को शक था कि पुष्पा देवी के कई लोगों से प्रेम संबंध हो गए हैं। जब काम पर चले जाते थे तो कई लोग घर पर आते थे। इससे मुकेश को बदनामी महसूस होती थी, जिस पर दोनों ने उसकी हत्या की योजना बनाई।
घटना वाले दिन मुकेश ने पुष्पा के पैर पकड़ लिए, जबकि राजपाल ने दुपट्टे से गला घोंट दिया। घटना को बीमारी बताने के लिए मुकेश अपनी भतीजी को देखने चला गया, जबकि राजपाल काम पर जाने का बहाना बनाकर गया था। पुलिस दोनों आरोपियों को आज जेल भेजेगी।
पुलिस ने बताया कि पुष्पा देवी पत्नी धर्मवीर निवासी सहीराम की गढ़ी, थाना बलदेव, मथुरा की रहने वाली थी। पांच साल पहले मुकेश पुत्र जगबीर सिंह निवासी कच्नाउ, थाना बलदेव, मथुरा के साथ अपने चार बच्चों को छोड़कर चली आई थी। दोनों की दोस्ती फोन पर हुई थी।
दोनों टेढ़ी बगिया स्थित विद्यानगर कॉलोनी में जगदंबा इंटर कॉलेज के पास किराए के मकान में रह रहे थे। पुष्पा देवी का मायका बिचपुरी, थाना जगदीशपुरा में है। मायके में कोई भी नहीं है। उसके छोटे बेटे सूरज ने मुकेश और राज्पाल के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया।