छह राज्यों के 10 हजार लोगों से एक हजार करोड़ की धोखाधड़ी कर फरार होने वाले गाजियाबाद की पेवे आईटी सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के मालिक वरुण गुप्ता और मुख्य सहयोगी अमित सक्सेना को सिकंदरा पुलिस और साइबर क्राइम सेल ने गिरफ्तार कर लिया।
वरुण को लखनऊ और अमित को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया गया है। कंपनी मालिक ने लोगों को सोशल साइट पर क्लिक और लाइक कराने के नाम पर रकम देने का झांसा दिया था। यूजर आईडी देने के लिए रकम जमा कराई गई। हालांकि पुलिस रकम बरामद नहीं कर सकी है।
एसपी सिटी प्रशांत वर्मा ने शनिवार को बताया कि सिकंदरा निवासी यशपाल सिंह से धोखाधड़ी हुई थी। उन्होंने कंपनी से तीन यूजर आईडी अपने नाम पर ली थीं। 11 आईडी रिश्तेदारों के नाम पर थीं। इसके लिए 13.80 लाख रुपये कंपनी के खाते में जमा कराए थे। मगर, कंपनी का आफिस बंद हो गया।
2016 में खोली थी कंपनी
यशपाल ने वर्ष 2017 में कंपनी के डायरेक्टर अमन शर्मा और वरुण गुप्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। गिरफ्तार आरोपी कंपनी मालिक गाजियाबाद निवासी वरुण गुप्ता और अमन शर्मा ने वर्ष 2016 में पेवे आईटी सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी खोली थी। गाजियाबाद स्थित पेसिफिक बिजनेस पार्क में इसका आफिस था। अमित मुख्य सहयोगी के रूप में काम करता था।
कंपनी तीन प्लान से लोगों से अपने खातों में रकम जमा कराती थी। इसके बाद एक यूजर आईडी उपलब्ध कराई जाती थी। यूजर आईडी खोलने पर सोशल साइट खुलती थी। इस पर विभिन्न कंपनी के प्रोडक्ट के विज्ञापन पर क्लिक और लाइक करना होता था।
आईडी धारकों को प्रतिदिन के हिसाब से पेमेंट होता था। कंपनी से दिल्ली एनसीआर, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा राज्य के 10 हजार से अधिक लोग जुड़ गए। छह महीने तक कुछ लोगों को रकम दी गई।
ठगी के बाद कंपनी बंद कर फरार हो गए थे आरोपी
आरोपी एक हजार करोड़ की ठगी करने के बाद फरवरी 2017 में कंपनी बंद करके फरार हो गए थे। इस पर लोगों ने गाजियाबाद में धरना प्रदर्शन किया था। तब पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की थी। कंपनी का एक डायरेक्टर अमन शर्मा अभी फरार है। तीन आरोपियों को सिकंदरा पुलिस ने पूर्व में जेल भेजा था।