मथुरा के बल्देव निवासी व्यापारी कन्हैैया लाल से आगरा के लोहामंडी के पंचकुइया चौराहे पर 4.25 लाख रुपये लूटने के आरोपी तीनों सिपाहियों को कोर्ट से जमानत मिल गई है। आरोपियों के रवैये से व्यापारी बुरी तरह से सहम गया था। पुलिस अधिकारी उसे सुरक्षा का भरोसा नहीं दे पाए। उसने कोर्ट नें लिखकर दे दिया था कि उसके साथ लूट नहीं हुई है।
लूट के आरोपी सिपाही भानू, केशव और मुकेश हैं। तीनों यूपी - 100 की गाड़ी पर तैनात थे। घटना 17 दिसंबर को हुई थी। कन्हैया ने नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसके साथ लूट उसके दोस्त बाबी शर्मा ने करवाई थी। पुलिस ने भानू और केशव को गिरफ्तार किया था। दोनों जेल भेजे गए थे। मुकेश बाद में कोर्ट के सामने पेश हुआ था। एफआईआर दर्ज कराने के बाद कन्हैया बुरी तरह सहमा हुआ था। उसने कोर्ट में शपथ पत्र देकर कहा था कि उसके साथ लूट नही हुई है। इसके बाद भी पुलिस ने उसे सुरक्षा का भरोसा नहीं दिया। स्पेशल जज ( डकैती ) ने प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद सिपाहियों की जमानत मंजूर कर ली।
फरार सिपाही गिरफ्तार नहीं
आगरा। नोटबंदी के दौरान लूट की दूसरी घटना फीरोजाबाद के सिरसागंज में हुई थी। आगरा ट्रैफिक पुलिस के सिपाहियों ने दिल्ली के बिल्डर को लूट लिया था। शुरू में रकम 80 लाख बताई गई थी। हालांकि एफआईआर में 25 लाख लिखवाई गई थी। एफआईआर में दो सिपाही नामजद हैं और तीन लोग अज्ञात बताए गए हैं। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार नहीं किया। अज्ञात बताए गए लोगों के नाम भी मालूम नहीं किए हैं।