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विवि कर्मी की हत्या का राज गहराया

Mon, 15 Feb 2016 01:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
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मर्डर मिस्ट्री
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- क्राइम सीन पढ़ने में चूक हुई, शुरू में पुलिस ने समझा कि सतेंद्र को मिर्गी का दौरा पड़ा है।
- अगर मौका ए वारदात पर डॉग स्क्वैड बुलाया गया होता तो शायद कातिल के भागने की दिशा मिल जाती।
- फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम से मुआयना कराया गया होता तो कातिल के बारे में कुछ सुराग मिल सकता था।
- सतेंद्र का स्कूटर रोककर उसे गोली मारी गई थी, लेकिन मौके पर सबसे पहले लोगों ने बताया कि स्कूटर पड़ा था।
- कर्मचारियों से पूछताछ में यह पता नहीं चल पाया कि हत्या से थोड़ी देर पहले सतेंद्र का किससे विवाद हुआ था।

डा. बीआर अंबेडकर यूनिवर्सिटी के परीक्षा विभाग के वरिष्ठ सहायक सतेंद्र सिंह की हत्या की गुत्थी सुलझने के बजाय उलझ गई है। शुरू में शक था कि वारदात उन तीन कॉलेज संचालकों में से एक ने कराई है, जिन पर सतेंद्र ने फीस जमा करने के लिए दबाव बना रखा था। लेकिन इस लाइन पर चलकर अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। ऐसे कॉलेजों की संख्या तीन नहीं, 14 मिली है। हालांकि इस लाइन पर पड़ताल अभी चल रही है, साथ ही अन्य बिंदु भी शामिल कर लिए गए हैं। पुलिस ने यूनिवर्सिटी के कई कर्मचारियों से भी लंबी पूछताछ की है। मालूम किया जा रहा है कि कहीं सतेंद्र का किसी के साथ कोई विवाद तो नहीं था।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि  जांच का फोकस यह पता करने पर है कि सतेंद्र की हत्या से फायदा किसको हो सकता है? क्राइम ब्रांच ने सतेंद्र के घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज पहले ही हासिल कर ली थी। बताया गया था कि मैनपुरी के कॉलेज संचालक ने उनके घर आकर धमकी दी थी। लेकिन कैमरा घर के बाहर लगा होने के चलते अंदर हुई बातें कैद नहीं हो सकी हैं। इसमें सिर्फ कॉलेज संचालक  घर में प्रवेश करता नजर आ रहा है।
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14 कॉलेज संचालक दबाए बैठे थे फीस के 3.5 करोड़
आगरा। सतेंद्र सिंह की हत्या में कॉलेज संचालकों पर शक किया जा रहा है। मुख्य रूप से तीन कॉलेज संचालकों पर शक हैं। हाथरस, मैनपुरी और फीरोजाबाद का एक -एक संचालक है। इनमें मैनपुरी के संचालक पर इसलिए फोकस किया जा रहा है क्योंकि वह हत्या से दो दिन पहले सतेंद्र के घर धमकी देकर गया था। लेकिन यूनिवर्सिटी के सूत्रों का कहना है कि नोटिस मिलने के बावजूद फीस न जमा करने वाले कॉलेज संचालक तीन नहीं, 14 हैं। इन पर 3.5 करोड़ रुपये फीस बकाया है। अब ये सभी शक के घेरे में आ गए हैं।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने गोपनीय विभाग की फाइलें अपनी निगरानी में ले ली हैं। इनकी पड़ताल की जा रही है। यह भी मालूम किया जा रहा है कि कॉलेजों ने अभी तक फीस नहीं चुकाई तो इसकी क्या वजह रही? कहीं ऐसा तो नहीं है कि विवि अधिकारियों की मेहरबानी के चलते वे ऐसा कर रहे हों? पिछले सत्र की फाइलें भी देखी जा रही हैं। कर्मचारियों से पूछा गया है कि किसी कॉलेज की फीस जमा न होने पर उसे परीक्षा कराने की अनुमति देना या न देना किसके हाथ में है? क्या यह निर्णय अकेले सतेंद्र का ही होता था। हालांकि अभी तक की पड़ताल में कुछ खास नहीं निकला है।
सहम गए हैं कर्मचारी
सतेंद्र की हत्या से कर्मचारी सहम गए हैं। विवि सूत्रों ने बताया कि कोई भी परीक्षा और गोपनीय विभाग का चार्ज लेने के लिए तैयार नहीं है। कर्मचारी चाहते हैं कि पहले सतेंद्र के हत्यारे पकड़े जाएं। इसके अलावा सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए जाएं।
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आज होगी श्रद्धांजलि सभा
यूनिवर्सिटी में सोमवार दोपहर 12 बजे श्रद्धांजलि सभा की जाएगी। इसके बाद कर्मचारी संघों की मीटिंग हो सकती है। कर्मचारी हड़ताल पर चल रह हैं। मीटिंग में आगे की रणनीति तय की जा सकती है।
सतेंद्र सिंह की हत्या में कई बिंदुओं पर पड़ताल चल रही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है। - सुशील घुले ( एसपी सिटी )
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