फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आगराः बरहन में कब्जा हटाने गई टीम पर पथराव, पुलिस ने महिलाओं को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा

Thu, 18 Jan 2018 11:07 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
विज्ञापन
मौके पर पहुंची पुलिस - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
आगरा के गांव नगला बेल के मजरा नगला सती में जमीन के विवाद में किसान को कब्जा दिलाने के लिए पहुंची पुलिस प्रशासन की टीम का गांव के लोगों से टकराव हो गया। 
विज्ञापन


लोग कब्जा दिलाए जाने का विरोध कर रहे थे। पुलिस ने जबरन कब्जा दिलाने की कोशिश की तो पथराव कर दिया। इसमें दो दरोगा समेत कई पुलिसकर्मियों को चोट आई। 

इस पर पुलिसवाले भी आपा खो बैठे और लाठियां बरसा दीं। महिलाओं तक को गिरा-गिराकर पीटा। कई लोग घायल हो गए हैं। पुलिस के खिलाफ भारी गुस्सा है। उधर पुलिस ने मौके से पांच लोग हिरासत में ले लिए हैं।
विज्ञापन

नगला सती बरहन और आंवलखेड़ा रोड पर है। गांव के पास एक पोखर है। इसमें गांव का पानी भरता है। पोखर को सेवरा निवासी राजेन्द्र, बिजेन्द्र, देवेन्द्र, शिवकुमार, विनोद अपना खेत बताते हैं। 

इस पर कब्जा दिलाने के लिए इन सभी ने अधिकारियों को प्रार्थनापत्र दिया। इसके आधार पर पुलिस और राजस्व कर्मचारी कब्जा दिलाने पहुंचे थे।

करीब 11 बजे नायब तहसीलदार जेपी सिंह, थानाध्यक्ष सुभाष सिंह कठेरिया, पुलिस और पीएसी के साथ पहुंचे। पोखर को समतल करने का काम शुरू हुआ ही था कि ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। उनकी अधिकारियों से नोकझोंक हो गई। 

बुजुर्ग की कर दी पिटाई

इसी बीच पुलिस ने एक बुजुर्ग की पिटाई कर दी। इसके विरोध में एकत्रित हुए ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन पर पथराव शुरू कर दिया। पुलिस और ग्रामीणों के बीच संघर्ष में दो दरोगा, एक हेड कांस्टेबल और कई सिपाही चोटिल हो गए। 

इसके बाद पुलिस ने ग्रामीणों पर लाठी बरसा दी। पुलिस ने पुरुष, बच्चों और महिलाओं को घर से निकालकर सड़क पर गिरा-गिराकर पीटा। इससे एक गर्भवती समेत कई महिलाएं घायल हो गई। पुलिस ने पांच ग्रामीणों को हिरासत में लिया है। 

घटना के बाद पूरा गांव लगभग खाली हो गया। लोग अपने घरों से निकलकर रिश्तेदारियों और दूसरे स्थानों पर चले गए। ग्रामीणों के पथराव में पुलिस की ओर चौकी इंचार्ज आंवलखेड़ा अतिवीर सिंह, एसआई राकेश चौहान, हेड कांस्टेबल सुघड़ सिंह घायल हुए हैं। 
विज्ञापन

एसडीएम बोले, नहीं हुआ लाठीचार्ज

वहीं, पुलिस की लाठीचार्ज से गर्भवती पूनम पत्नी गौरव, प्रीती पत्नी बटका, सांई पत्नी रामदत्त, मीरा पत्नी पिंकी, सुनीता पत्नी विश्नू, गुड्डी पत्नी अखिलेश, नेमा पत्नी रामजीलाल घायल हो गईं। जबकि र्कई महिलाएं और पुरुष जान बचाकर गांव से भाग गए।

घटना के बाद मौके पर पहुंचे एसडीएम रजनीश मिश्रा ने मामले की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि पोखर को समतल कराने के लिए पहले भी कई बार प्रयास किए गए थे। 

लेकिन ग्रामीणों के विरोध के चलते टीम लौट गई थी। उक्त जमीन की कई बार पैमाइश कराई जा चुकी है। लाठीचार्ज के सवाल पर एसडीएम ने कहा कि कोई लाठीचार्ज नहीं हुआ है। लोगों को खदेड़ने के लिए कुछ सख्ती की गई। पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें