एटा के कोर्ट परिसर में शुक्रवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब दुष्कर्म और हत्या के आरोपी ने ब्लेड से अपना गला काट लिया। आनन-फानन पुलिस ने उसे जिला अस्पताल लेकर गई। यहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे आगरा रेफर कर दिया गया।
कोतवाली नगर क्षेत्र के शीतलपुर निवासी सोनू पुत्र प्रकाश दुष्कर्म के बाद सात वर्षीय मासूम की हत्या के आरोप में जिला कारागार में बंद है। शुक्रवार को पुलिस उसे कोर्ट में पेशी के लिए लेकर आई। कोर्ट में पेशी के दौरान उसने जेल में बीमारी की दवा न मिलने की बात कहते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
इसके बाद सोनू ने जूते में रखा ब्लेड निकाला और अपना गला काट लिया। घटना से कोर्ट परिसर में हड़कंप मच गया। पुलिस ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने गंभीर बताते हुए उसे आगरा रेफर कर दिया। पुलिस बंदी की हालत ठीक होने की बात कह रही है।
जेल में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
बता दें कि 16 अप्रैल 2018 को शहर क्षेत्र में एक शादी समारोह हो रहा था। उसी समय आरोपी सोनू ने एक सात वर्षीय बालिका को निर्माणाधीन मकान में ले गया जहां दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी थी। पुलिस ने उसे पकड़ कर जेल भेज दिया था।
जिला जेल में निरुद्ध बंदी के पास ब्लेड मिलने और उससे गला काटने की घटना से जेल में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि जेल से पेशी के लिए कोर्ट गए बंदी की तलाशी नहीं ली गई या फिर उसे जेल से किसी का संरक्षण दिया गया, तभी वो ब्लेड लेकर कोर्ट तक पहुंच गया।
पेशी के दौरान अपना गला काटने वाले बंदी को ब्लेड कहां से मिला, यह सवाल उठ रहा है। सूत्रों की मानें तो आरोपी ने बताया है कि उसने जेल में ही 40 रुपये में ब्लेड खरीदा था। उसने नाखून काटने और कुछ अन्य काम की बात कहकर ब्लेड लिया था। इसके बाद पेशी के दौरान आते समय उसे अपने जूते में छिपा लिया।
जेल अधीक्षक पीपी सिंह ने बताया कि बंदी दिमागी रूप से अस्वस्थ्य है। घटना जेल से बाहर हुई है। अगर बंदी जेल से ब्लेड खरीदने की बात कह रहा है तो इसकी जांच कराई जाएगी। उसके वापस आने पर भी उससे पूछताछ होगी। जेल से ब्लेड दिया गया है तो संबंधित कर्मी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।