फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दोस्त के पास पैसे देख बिगड़ गई नीयत, चंद रुपयों के लिए अपने जिगरी यार को दे डाली खौफनाक मौत

Fri, 15 Mar 2019 06:11 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लक्सर
विज्ञापन
हत्या - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
विज्ञापन

हत्या के नौ साल पुराने मामले में एडीजे कोर्ट लक्सर ने हत्यारे दोस्त को आजीवन कारावास की कठोर सजा सुनाई है। साथ ही एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर आरोपी को पांच साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।

विज्ञापन


मामले में तीन अन्य आरोपियों को भी तीन-तीन साल की सजा सुनाने के साथ-साथ 20-20 हजार का जुर्माना लगाया गया है। जानकारी के अनुसार, हरियाणा निवासी वीर सिंह की हरविंदर के साथ बहुत गहरी दोस्ती थी।

वीर सिंह लक्सर क्षेत्र में जमीन तलाश कर रहा था। कुछ दिन बाद हरविंदर ने वीर सिंह से एक जमीन का सौदा 40 लाख रुपये में करा दिया था।  इसके बाद वीर सिंह के पास मौजूद 40 लाख की रकम के लिए हरविंदर के मन में लालच आ गया।

विज्ञापन

इसके बाद उसने अपने साथियों की मदद से वीर सिंह की उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे खानपुर-पुरकाजी बॉर्डर के पास हत्या कर दी और उसके शव को जंगल में फेंककर फरार हो गए थे।

लक्सर एडीजे कोर्ट के शासकीय अधिवक्ता अनिल राणा ने बताया कि हरियाणा में झज्जर के थाना साहलवास स्थित खानपुर खुर्द गांव निवासी वीर सिंह की 16 मार्च 2010 को लक्सर में हत्या कर दी गई थी। वीर सिंह लक्सर में खरीदी गई जमीन का बैनामा करवाने आया था। 

पुलिस ने आरोपी इरफान पुत्र हबीब निवासी सुल्तानपुर, हरविंदर पुत्र पहल सिंह निवासी हुसैनपुर, मांगा पुत्र शिवदत्त, श्वेता पुत्री सुनील निवासी सीमली लक्सर, राजकुमार पुत्र धीरज निवासी बहादरपुर खादर के खिलाफ केस दर्ज कर जेल भेज दिया गया था।
 
विज्ञापन

तभी से यह मामला कोर्ट में विचाराधीन था। मामले में अभियोजन पक्ष ने 35 गवाह पेश किए थे। इसके साथ ही दोनों पक्षों के वकीलों में जिरह हुई। शुक्रवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद एडीजे अंबिका पंत ने मुख्य आरोपी हरविंदर को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की कठोर सजा सुनाई।

साथ ही उस पर एक लाख का जुर्माना भी लगाया। वहीं, इरफान, राजकुमार और मांगा को भी तीन-तीन साल की सजा सुनाने के साथ 20-20 हजार का जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा नहीं करने पर तीनों को डेढ़ साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।

जबकि, श्वेता को कोर्ट ने दोष मुक्त कर दिया। बचाव पक्ष के अधिवक्ता विपिन कुमार ने बताया कि चारों को जेल भेजा दिया गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें