इसके बाद उसने अपने साथियों की मदद से वीर सिंह की उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे खानपुर-पुरकाजी बॉर्डर के पास हत्या कर दी और उसके शव को जंगल में फेंककर फरार हो गए थे।
लक्सर एडीजे कोर्ट के शासकीय अधिवक्ता अनिल राणा ने बताया कि हरियाणा में झज्जर के थाना साहलवास स्थित खानपुर खुर्द गांव निवासी वीर सिंह की 16 मार्च 2010 को लक्सर में हत्या कर दी गई थी। वीर सिंह लक्सर में खरीदी गई जमीन का बैनामा करवाने आया था।
पुलिस ने आरोपी इरफान पुत्र हबीब निवासी सुल्तानपुर, हरविंदर पुत्र पहल सिंह निवासी हुसैनपुर, मांगा पुत्र शिवदत्त, श्वेता पुत्री सुनील निवासी सीमली लक्सर, राजकुमार पुत्र धीरज निवासी बहादरपुर खादर के खिलाफ केस दर्ज कर जेल भेज दिया गया था।
तभी से यह मामला कोर्ट में विचाराधीन था। मामले में अभियोजन पक्ष ने 35 गवाह पेश किए थे। इसके साथ ही दोनों पक्षों के वकीलों में जिरह हुई। शुक्रवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद एडीजे अंबिका पंत ने मुख्य आरोपी हरविंदर को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की कठोर सजा सुनाई।
साथ ही उस पर एक लाख का जुर्माना भी लगाया। वहीं, इरफान, राजकुमार और मांगा को भी तीन-तीन साल की सजा सुनाने के साथ 20-20 हजार का जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा नहीं करने पर तीनों को डेढ़ साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
जबकि, श्वेता को कोर्ट ने दोष मुक्त कर दिया। बचाव पक्ष के अधिवक्ता विपिन कुमार ने बताया कि चारों को जेल भेजा दिया गया है।