20 दिन में कोई सुराग नहीं लगा पाई पुलिस की 06 टीमें
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बिट्टू अपहरण कांड की उलझी गुत्थी सुलझाने में पुलिस नए सिरे से लगी तो सही लेकिन नतीजा इस बार भी शून्य ही रहा। 20 दिन से खुलासे में लगीं छह टीमें अब हाथ पर हाथ रखकर बैठ गई हैं। पांच जनवरी से अपहृतबिट्टू के मिलने की अभी तक कोई जरा सी उम्मीद भी नजर नहीं आई है। पुलिस की जांच इस इस नतीजे तक नहीं पहुंच पाई है कि अपहरण के पीछे मकसद क्या रहा?
पुलिस सूत्रों ने बताया कि सभी टीमों ने हथियार डाल दिए हैं। आस पास के जिलों में मठ-मंदिरों में तलाश की जा चुकी है। अस्पताल और ढाबे भी चेक किए जा चुके हैं। जिन लोगों पर जरा सा भी संदेह हुआ, उनके मोबाइल की कॉल डिटेल चेक हो चुकी है।
इसके बावजूद पुलिस वहीं पर खड़ी है जहां से जांच शुरू हुई थी। पुलिस ने पहले भी यह केस ठंडे बस्ते में डाल दिया था लेकिन जब 21 मार्च को बिट्टू के परिवार के साथ शहर के सैंकड़ों लोगों ने कमला नगर से कलक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला। इस बार भी जांच के बिन्दू वही रखे गए, जो पहली बार थे। नतीजा भी वही रहा जो पहले निकला था यानी कुछ नहीं। हालांकि अधिकारी अभी भी यही कह रहे हैं कि बिट्टू की तलाश में प्रयास जारी हैं।
परिवार के प्रयास जारी
आगरा। पुलिस भले ही हथियार डाल चुकी हो लेकिन बिट्टू के माता-पिता अभी भी उसकी तलाश में लगे हैं। ये लोग उसे ढूंढते हुए अपनी कार से आस पास के जिलों के बाद दिल्ली तक जा चुकेहैं। सोशल मीडिया में मुहिम चलाने के अलावा इन्होंने होटल, ढाबों, रेलवे स्टेशनों पर पेंफलेट भी लगवाए हैं।