शहर के मलूकपुर इलाके की मस्जिद में मगरिब की नमाज के वक्त शराब की बोतल फेंककर माहौल बिगाड़ने की साजिश की गई। शुक्र यह रहा कि दोनों पक्षों के लोग समझदार हैं। इसलिए कोई बवाल नहीं हो पाया। उधर, पुलिस अभी तक साजिश करने वालों का अभी पता नहीं लगा पाई है। घटना के बाद से तनाव की स्थिति बनी हुई है। थाना किला की मलूकपुर पुलिस चौकी के 100 मीटर दूरी पर मस्जिद में मगरिब की नमाज हो रही थी। इस दौरान एक खाली बोतल आकर गिरी और फूट गई। नमाज अदा करने के बाद लोगों ने बोतल देखी तो वह शराब की निकली। इसे लेकर मस्जिद में हल्ला मच गया। पूर्व पार्षद मोहम्मद नासिर ने सूचना देकर पुलिस को बुला लिया। इंस्पेक्टर मोहम्मद कासिम ने मौके पर पहुंचकर आनन-फानन में मस्जिद की सफाई करा दी। सिपाही बोतल समेटकर ले गया। पुलिस को देखकर मौके पर तमाम लोगों की भीड़ जमा हो गई। तमाम तरह की चर्चाएं होनी लगी। यह भी देखा गया कि मस्जिद के आसपास के घरों के बारे में जानकारी की गई। बाद में सीओ एलआईयू नागेंद्र चतुर्वेदी भी अपनी टीम लेकर पहुंच गए, लेकिन असली गुनहगार के बारे में पता नहीं लग पाया। घटना के बाद से मोहल्ले में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
-इस इलाके में बंदर भी शरारती हैं। हो सकता है कि किसी बंदर ने बोतल फेंक दी हो। बाकी दिखवा रहे हैं। किसी ने जानबूझकर खुराफात की है तो चिहिन्त करके कार्रवाई की जाएगी- मोहम्मद कासिम, प्रभारी निरीक्षक
इन इलाकों में हो चुका है विवाद
-शहर के मोहल्ला रोहली टोला, काकरटोला, मौर्य मंदिर के पास, बिहारी पुर, मठ की चौकी, मीरा की पैंठ, जोगीनवादा, मलूकपुर, बानखाना, शाहबाद आदि इलाकों में धार्मिक विवाद पहले भी हो चुके हैं। इन इलाकों को पुलिस-प्रशासन सबसे ज्यादा संवेदनशील मानता है। यहां आए दिन माहौल खराब करने की कोशिश की जाती है।
यह सियासी खेल तो नहीं है
मस्जिद में शराब की बोतल फेंकने वाला कहीं सियासी फायदा उठाने के लिए तो यह सब नहीं कर रहा है। विधान सभा और स्थानीय निकाय चुनाव एकदम नजदीक हैं। ऐसे में धार्मिक आधार पर वोटरों को बांटने के लिए भी साजिश की जा रही है। ताकि दोनों समुदायों के लोग बंट जाएं और उन्हें इसका फायदा मिल जाए। इसलिए ऐसी कोई भी घटना हो तो भीड़ में शामिल होकर लोगों को उकसाने के बजाए समझाने का काम ही करें तो अपना शहर महफूज रहेगा।
कुआं छोड़कर दीवार बनाई और झगड़ा खत्म
बरेली। बारादरी इलाके के रोहली टोला निवासी विशाल वर्मा, अरविंद और राहुल ने अपनी 28 गज जमीन छह महीने पहले किला के सुहेल को बेची थी। सुहेल ने निर्माण कार्य कराने शुरू किया तो दोनों पक्षों के लोग पहुंच गए। विशाल पक्ष के लोगों को कहना था कि जमीन में उनका पुश्तैनी कुंआ है। उसकी जगह छोड़कर निर्माण कराया जाए। सूचना पर प्रभारी निरीक्षक कमरुल हसन पहुंच गए। उन्होंने कुएं की जगह छुड़वाने के बाद मामला निपटा दिया।