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... तो रद्दी बन जाएंगे थानों में रखे करोड़ों रुपये

Fri, 11 Nov 2016 01:15 AM IST
... तो रद्दी बन जाएंगे थानों में रखे करोड़ों रुपये
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शहर के हरीपर्वत थाने के मालखाने में कम से कम 25 लाख रुपये रखा है, जो बदमाशों से बरामद किया गया। इसी तरह खंदौली और एत्मादपुर थाना के मालखानों में 20-20 लाख से ज्यादा रकम है। पुलिस इस टेंशन में है कहीं यह रकम रद्दी न हो जाए। अगर 30 दिसंबर तक इसे बैंक में जमा न किया गया तो पूरा पैसा किसी काम का नहीं रहेगा। जाहिर है। पीड़ित को नोट की जगह रद्दी के टुकड़े मिलेंगे। अधिकारी इस समस्या का समाधान ढूंढने में लगे हैं।
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इस रकम में ज्यादातर 500 और एक हजार के नोट हैं। जनपद में 42 थाने हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इनमें 10 करोड़ से ज्यादा की रकम जमा है। अंदाजा लगाना आसान है कि देश भर के थानों में कितनी रकम होगी। दिल्ली और महाराष्ट्र में तो दस दस करोड़ तक की लूट हो चुकी है। पुलिस ने बाद में केस का खुलासा होने पर रकम बरामद भी की।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि किसी मुकदमे से संबंधित रकम आरोपी से बरामद होने पर उसे सील लगाकर सीज किया जाता है। इसे थाना के मालखाने में लिखापढ़ी में जमा किया जाता है। इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी मालखाना प्रभारी पर होती है। इस रकम को केस प्रापर्टी के रूप में रखा जाता है।
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साक्ष्य के तौर पर इसे कोर्ट के सामने रखा जाता है। अदालत के आदेश पर ही इसे पीड़ित के सुपुर्द किया जाता है। कई मामले में इस पर निर्णय केस के निस्तारण के समय होता है। अब सबसे ज्यादा टेंशन उन लोगों को होने वाली है जिनकी रकम थानों के मालखाने में है। बड़ी मुश्किल से तो बदमाशों से पुलिस ने बरामद की थी। उम्मीद थी कि कभी न कभी मिल ही जाएगी लेकिन अब तो हालात ऐसे हैं कि नोट नहीं, रद्दी मिलेगी।
इस समस्या पर आईजी सुजीत पांडे का कहना है कि इस पर विचार चल रहा है। जल्द ही कोई समाधान निकाल लिया जाएगा। मालखानों में जमा रकम केस प्रापर्टी है। इस पर शासन से भी निर्देश लिया जा रहा है।
ऐसे मिल सकती है रकम
वरिष्ठ अधिवक्ता अचल शर्मा का कहना है कि मालखाने में जमा रकम पर पीड़ित द्वारा कोर्ट में क्लेम करने पर उसे वापस मिल सकती है। उसे कोर्ट के सामने साक्ष्य के जरिए यह साबित करना होगा कि आरोपी से बरामद रकम उसी से लूटी, चोरी की गई थी। अगर वह साबित नहीं कर पाता है तो रकम केस प्रापर्टी रहेगी।
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