पुलिस ने गुरुवार को उसे भोपाल से बरामद कर लिया।
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एत्माद्दौला के सीता नगर की यास्मीन (27) की हत्या नहीं हुई थी। वह भोपाल में अपने मित्र के साथ रह रही थी। ससुराल से अपने मित्र के साथ बाइक पर बैठकर चली गई थी। पुलिस ने गुरुवार को उसे बरामद कर लिया।
बता दें, इंद्रपुरी, न्यू आगरा निवासी हबीब खां ने बेटी यास्मीन की शादी 2009 में सीता नगर (एत्माद्दौला) निवासी मो. जाहिद से की थी। 12 जून को रात तकरीबन 8:30 बजे यास्मीन लापता हो गई थी। परिवारीजनों ने एसएसपी आफिस पर प्रदर्शन किया था। उधर, पति ने गुमशुदगी दर्ज कराई थी, जबकि उसकी हत्या की आशंका उसके पिता और भाई ने जताई थी। 17 जून को अलीगढ़ के बरला थाना क्षेत्र में नदी में एक महिला का शव मिला था। उसे यास्मीन का बताते हुए शिनाख्त कर ली थी। पुलिस ने मुकदमे में दहेज के लिए हत्या की धारा को बढ़ा दिया था। पुलिस जांच में सामने आया कि मृतका के हाथ पर कटे का निशान देखकर ही शिनाख्त की गई है। मोहल्ले के लोगों और रिश्तेदारों को दिखाने पर मृतका की कद-काठी को यास्मीन का जैसा किसी ने नहीं बताया। इस पर शक हो गया। सीतानगर की दो महिलाओं ने बताया कि देर रात बाइक से एक महिला को जाते देखा गया था। इस पर पुलिस ने यास्मीन के मोबाइल की काल डिटेल से एक मोबाइल नंबर पता किया। एसओ ने बताया कि नंबर भोपाल के रहने वाले एक युवक का निकला। पुलिस उसके पास तक पहुंच गई। वहां यास्मीन भी मिल गई। युवक फरार हो गया। पूछताछ में पता चला कि युवक को वह पहले से जानती थी। शुक्रवार को यास्मीन को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने यास्मीन को अपनी मर्जी से जाने के लिए स्वतंत्र छोड़ दिया। मुकदमे में से दहेज हत्या की धारा को हटाया जाएगा। गलत शिनाख्त करने के मामले में जांच के बाद वादी पक्ष के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दहेज उत्पीड़न के मामले की जांच की जा रही है।