गिरफ्तार बदमाशों ने खुलासा किया
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रंगा, उसके भाई नीरज और कामेश सहित छह बदमाश जेल भेज दिए गए हैं इसके बाद भी चौबियापाड़ा में खौफ है। लोगों को डर है कि जेल से छूटने के बाद रंगा-बिल्ला बदला लेंगे। पुलिस ने एक सप्ताह पूर्व हुई दो सराफ की हत्या व चार करोड़ की लूट के मामले में चौबियापाड़ा के तीन बदमाश भाई रंगा, नीरज, कामेश सहित छह बदमाशों को शनिवार को मुठभेड़ में दबोच लिया।
रतनकुंड में रंगा बिल्ला के पुराने मकान, सतघड़ा, तुलसी चबूतरा, कोरिया गली, सरबनपुरा, चौ बच्चा गली में अब भी खौफ है। फिलहाल लोग राहत महसूस कर रहे हैं लेकिन रंगा बिल्ला गैंग के लोगों के जेल से छूट कर आने के बाद पैदा होने वाली स्थिति को लेकर आशंकित हैं।
नाम न छापने की शर्त पर तीन महिलाओं ने बताया कि रंगा बिल्ला के आतंक के कारण वह बेटियों को अकेले स्कूल नहीं भेजती थीं। कोतवाली रोड तक साथ जाती थीं। वापसी में बेटी पहले ही फोन कर देती थी। फोन आने पर कोतवाली रोड लेने पहुंचती थीं। कुछ दिन आतंक से राहत मिलेगी लेकिन जब जेल से आएगा तो सब से दुश्मनी निकालेगा।