सुप्रीम कोर्ट के प्रतिबंध के बाद भी चंबल सेंक्च्युरी में हो रहे बालू के अवैध खनन के मामले में वन दरोगा के निलंबन के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया है। विभाग की टीम ने पिनाहट क्षेत्र के कई घाटों पर शुक्रवार को छापेमारी की तो मामले की सचाई सामने आई। पिनाहट पुल पर ट्रैक्टर ट्राली असलहों के बल पर निकाले जाने की शिकायत एसडीएम को मिली तो उन्होंने पिनाहट पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
बता दें कि चंबल सेंक्च्युरी से ट्रैक्टर ट्राली और ऊंटों से खनन के मामले में डीएफओ अनिल पटेल ने वन दरोगा वीरेंद्र सिंह को निलंबित किया था। रेंजर आरके शर्मा के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने इस कार्रवाई के बाद शुक्रवार को विप्रावली, बरेण्डा, देवगढ, पडुआपुरा, रेहा घाटों पर छापेमारी की। लेकिन खननकर्ताओं के भूमिगत होने के कारण कोई कामयाबी नहीं मिली। नगला भरी के बरनाम सिंह परिहार के नेतृत्व में तहसील मुख्यालय पर पहुंचे ग्रामीणों ने पिनाहट के चंबल पुल से बालू से भरे ट्रैक्टर ट्राली रात के अंधेरे में निकाले जाने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि हथियारों के बल पर मुरैना के उसैद क्षेत्र से लाई जा रही बालू को रोकने में पुल के ठेकेदार और कर्मचारी असहाय दिख रहे है। ग्रामीणों ने क्योरी, विप्रावली, रेहा, बरेण्डा, कैंजरा , हरलालपुरा से ऊंटों से खनन करने की भी जानकारी दी। इस पर एसडीएम ने पिनाहट पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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खेरागढ़ में भी नहीं रुक रहा अवैध खनन
खेरागढ़। हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी अवैध खनन का धंधा खेरागढ़ क्षेत्र में नहीं रुक रहा है। रोजाना लगभग 100 ट्रैक्टर ट्राली और 50 ट्रक भर कर जाते हैं। आरोप है कि खनन धंधा पुलिस प्रशासन की मिलीभगत से चल रहा है। एक व्यापारी ने बताया कि प्रति ट्रक तीन हजार रुपये और प्रति ट्रैक्टर ट्राली 1500 रुपये के हिसाब से पुलिस की महीनेदारी जाती है। जो महीनेदारी नहीं देते उनके वाहन जब्त कर सीज कर दिए जाते हैं। ऊंटगिरि चौराहा और कागारौल चौराहा पर वाहन खड़े देखे जा सकते हैं। स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत पुलिस से कई बार की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।