सुलेह हुदैबिया कमेटी ने सात जून को शादी महल, रोहली टोला जवाहर स्कूल के पास पुराने शहर में खानकाहों से जुड़े लोगों को एक साथ बैठाने के लिए पहल की है।
कमेटी के संयोजक डॉ.एसई हुदा ने दरगाह शाह शराफत मिया के पीरो मर्शिद सक लैन मियां हुजूर के अमन के पैगाम की तारीफ की। उन्होंने कहा कि उनकी पहल मौजूदा वक्त में नई इबारत लिखेगी। नवीर-ए-आला हजरत मौलाना तसलीम मियां के प्रयासों को भी सराहा गया। कमेटी के उपाध्यक्ष अहमद उल्ला वारसी ने कहा कि सात जून को होने वाली बैठक में शामिल होने के लिए खानकाहों के सरपस्तों से संपर्क किया जा रहा है। प्रवक्ता पम्मी वारसी, मोहम्मद यासीन कुरैशी, बंटी खान ने सभी से अमन की अपील की। इस दौरान पर तसव्वुर हुसैन एडवोकेट, दानिश खान, इकरार खान, हाफिज नियाज, सैयद राशिद चमन और शकील रजा खां ने भी विचार रखे।
हजरत दूल्हा मियां का उर्स समाप्त
बरेली। सराय तलफी में हजरत दूल्हा मियां का तीन रोजा उर्स दोपहर 11.30 बजे समाप्त हो गया। तीन जून को सुबह फज्र की नमाज के बाद कुरआन पाक पढ़ा गया। इशा की नमाज के बाद चंदा भाई अशरफी और अब्दुल अजीज अजहरी ने अमनो-अमान की दुआ की। दरगाह के खादिम अनीस मियां ने नवाज अदा की और चादर चढ़ाई। रात को कब्बाली का दौर चला। फज्र की नमाज के बाद कमेटी के अध्यक्ष इकरार हुसैन के घर से दरगाह तक का सफर तय करके चादरपोशी का दौर चलता रहा।