गिरफ्तार चोर सत्येंद्र एमबीए पास है। उसने ऑनलाइन आर्डर कर चीन से दो लाख रुपये में इलेक्ट्रॉनिक चाबी बनाने की मशीन मंगवाई थी। इस मशीन से स्कॉर्पियो और फोरच्यूनर की चाबी तैयार कर लेता था। इसके बाद मौका पाकर गाड़ी में जीपीएस लगाता है। लोकेशन लेता रहता है। वर्कशॉप में जिस गाड़ी को चुराना है, उसी तरह की दूसरी गाड़ी को लेकर जाता था।
लंच में डाटा स्कैनर मशीन लगा देता था। चाबी से डाटा चोरी करता था। इसके बाद दूसरी चाबी तैयार कर लेता था। मौका पाकर कार चोरी करके राजस्थान ले जाता है। यहां पर कारों को डोडा या अफीम तस्करों को बेच देता था। वह दिल्ली, मुंबई, जयपुर और अहमदाबाद में एसयूवी गाड़ियां चोरी कर चुका है। 11 साल से कारों को चोरी कर रहा है।
सिकंदरा में पकड़ा जा चुका है गैंग
सिकंदरा में चार साल पहले कारों के ताले खोलकर चोरी करने वाला गैंग पकड़ा जा चुका है। गैंग के सदस्य उपकरणों की मदद से ताला खोलते थे। इसके बाद कार को आधे से कम कीमत में बेच देते थे।