एटा के जलेसर क्षेत्र में मकसूदपुर गांव से किशोरी भगाने का मामला तूल पकड़ गया है। पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए आरोपियों ने 13 वर्षीय किशोरी का 40 वर्षीय शादीशुदा युवक से निकाह कराते हुए हाईकोर्ट में मेडिकल जांच के लिए गुहार लगाई। हाईकोर्ट में किशोरी के स्थान पर दूसरी युवती के बयान दर्ज करा कर मेडिकल जांच के आदेश करा लिए।
यही नहीं मेडिकल जांच अलीगढ़ में दूसरी युवती की करा दी गई। फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब पिता अलीगढ़ अस्पताल में बेटी का फोटो लेकर एक्सरे टेक्नीशियन से शनाख्त कराने पहुंचा। अब पिता की शिकायत पर डीएम ने दोबारा मेडिकल जांच आगरा या फिरोजाबाद में कराने के आदेश दिए हैं।
बताया गया है कि एटा के मकसूदपुर निवासी जमील की 13 वर्षीय बेटी को बीती एक जुलाई को पांच युवक ले गए थे। पिता ने निफासत, खालिद, सकीना बेगम, रियाज मोहम्मद, अबरार, निजाकत के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पिता ने बताया कि पुलिस के शिकंजे में फंसते देख बेटी का शादीशुदा निफासत से निकाह करा कर हाईकोर्ट में बयान दर्ज कराए गए।
पिता का आरोप है कि हाईकोर्ट में बयान दूसरी युवती के दर्ज हुए। इसके चलते जज ने एटा में मेडिकल जांच कराने के आदेश जारी कर दिए। जमील की माने तो 31 जुलाई को बेटी का मेडिकल एटा में होना था, लेकिन आरोपियों ने आईओ से साठगांठ कर चुपचाप बेटी की मेडिकल जांच अलीगढ़ में करा दी।
इसकी भनक लगने पर जब पिता बेटी का फोटो लेकर मेडिकल जांच कराने वाले अस्पताल पहुंचा तो एक्स-रे टेक्नीशियन ने फोटो देख कर इस नाम की दूसरी युवती की मेडिकल जांच होने की बात कही। तब जाकर पिता का माथा ठनका। जमील ने मंगलवार को शिकायत डीएम से की। डीएम अमित किशोर ने फिरोजाबाद-आगरा में दोबारा मेडिकल जांच कराने के आदेश दिए हैं। मामला डीएम तक पहुंचने के बाद जलेसर थाने में हड़कंप मच गया है और आईओ की हवाईयां उड़ गई हैं।