मैनपुरी जनपद के थाना करहल पुलिस ने सोमवार सुबह मुठभेड़ के दौरान तीन लुटेरों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। उनके कब्जे से बोलेरो, तीन तमंचा, लूटी गई हजारों की नकदी बरामद हुई। छह दिन पूर्व आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर लखनऊ के एक दंपती के साथ लूट की वारदात इन्हीं के द्वारा की गई थी।
करहल थाने में सोमवार को एसपी अजय कुमार पांडेय ने प्रेसवार्ता की। उन्होंने बताया कि प्रभारी निरीक्षक शिवकुमार चौहान सोमवार की सुबह क्षेत्र में गश्त पर थे। सुबह करीब 3:30 बजे सूचना मिली कि करीब छह दिन पूर्व लखनऊ के रहने वाले एक दंपती से लूट की वारदात अंजाम देने वाले लुटेरे नगला अतिराम के पास बोलेरो में देखे गए हैं।
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सूचना पर प्रभारी निरीक्षक ने पुलिस बल के साथ नगला अतिराम एक्सप्रेसवे पुल के नीचे बोलेरो सवार बदमाशों को घेर लिया। इस पर बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। अचानक हुए हमले से संभलते हुए पुलिसकर्मियों ने तीन लुटेरों को गिरफ्तार कर लिया।
एसपी अजय कुमार पांडेय के अनुसार उनके कब्जे से तीन तमंचा कारतूस, एक मोबाइल फोन, करीब 35 हजार की नकदी, वारदात में प्रयुक्त बोलेरो बरामद हुई। पूछताछ में पकड़े गए लोगों ने अपने नाम रामकुमार उर्फ बंटू निवासी जसराना, बृकेश कुमार उर्फ राना निवासी नगला घनी और ऋषि यादव निवासी गांव झपारा थाना जसराना फिरोजाबाद बताया है। मुठभेड़ के दौरान तीन साथी पवन यादव पुत्र कमलेश यादव निवासी लक्की धर्मकांटा के सामने वाली गली एटा रोड शिकोहाबाद, बली व एक अज्ञात साथी भाग गए। पुलिस उनकी तलाश में दबिश दे रही है।
गाड़ी को पंचर कर करते थे लूटपाट
एसपी अजय कुमार पांडेय ने बताया कि पकड़े गए लुटेरे पहले हाईवे पर कीलें डाल देते थे। जैसे ही गाड़ी पंचर होने के बाद रुकती थी, तभी छह सदस्यीय गैंग लूट की वारदात अंजाम देता था। पांच अक्तूबर को लखनऊ के गीता पल्ली आलम बाग निवासी प्रकाश शुक्ला ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इसमें कहा था कि वह अपने दादा रतांबर मिश्रा, दादी शशि मिश्रा और चालक सुधीर के साथ नोएडा से लखनऊ जा रहे थे। इस बीच उनकी गाड़ी पंचर कर इटावा-फिरोजाबाद कट के पास मोबाइल, नकदी आदि लूट ली गई थी। तभी से पुलिस इस गैंग की तलाश कर रही थी। पकड़े गए लुटेरों को जेल भेजा गया है।