टटलुओं ने झांसी के मामा-भांजे को गुरुवार की सुबह अपना शिकार बना लिया। ओएलएक्स पर सस्ती कार का झांसा देकर उनको छटीकरा बुलाया। वहां से उनको पसौली (छाता) के जंगल में ले गए और हजारों की नगदी, जेवरात एवं मोबाइल लूट लिए। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर टटलुओं की तलाश की।
ओएलएक्स पर साढ़े तीन लाख रुपये में स्विफ्ट कार का विज्ञापन देखकर झांसी निवासी कृष्णा ने विक्रेता को फोन किया। फोन पर जवाब मिला कि मथुरा के छटीकरा चौराहे पर आ जाओ। गुरुवार को कृष्णा अपने भांजे अश्विनी को लेकर छटीकरा पहुंचा। वहां से ओएलएक्स पर दिए नंबर पर फोन किया।
कुछ देर बाद एक बाइक सवार मामा-भांजे को बैठाकर छाता के गांव पसौली के जंगल में ले जाने लगा। मामा-भंाजे ने पूछा तो बाइक सवार ने कहा कार वहीं खड़ी है। पसौली के जंगल में पहुंचते ही आधा दर्जन टटलुओं ने मारपीट करते हुए मामा-भांजे से 38 हजार की नगदी, सोने की चेन, अंगूठी एवं दो मोबाइल लूट लिए।
पीड़ितों ने ग्रामीण की मदद से पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने टटलुओं की तलाश की पर कोई हाथ नहीं लगा। कोतवाली छाता के प्रभारी प्रदीप कुमार ने बताया कि 38 हजार की नगदी एवं जेवरात छीने गए हैं। मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
एसएसपी विनोद कुमार मिश्र ने टटलुओं के खिलाफ अभियान चलाया लेकिन टटलू वारदात कर पुलिस को खुली चुनौती दे रहे हैं। कभी गोवर्धन तो कभी शेरगढ़ में टटलू काट लेते हैं। गुरुवार को छाता के गांव पसौली में झांसी के मामा-भांजे को लूटकर पुलिस को चुनौती दे दी।