अवैध बूचड़खानों और पशुओं के कटान के खिलाफ प्रशासन एक्शन में आ गया है। खेरागढ़ तहसील के कागारौल में अवैध बूचड़खानाें को सील करने के साथ ही फतेहपुर सीकरी में मीट की चार अवैध दुकानों पर ताले जड़े गए हैं। यह बूचड़खाना घनी बस्ती के बीच संचालित हो रहा था। यहां बकरे और मुर्गे के साथ अन्य पशु भी अवैध रूप से काटे जा रहे थे। इसके अलावा जिलेभर में छापेमार अभियान छेड़ दिया गया है। अछनेरा में भी कई दुकानें बंद कराई गई हैं।
प्रदेश में भाजपा की सरकार बनते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले प्रदेशभर में पशुओं के अवैध कटान को रोकने पर जोर दिया। इस पर मंगलवार को जिलाधिकारी गौरव दयाल ने सभी उपजिलाधिकारियों और नगर निगम को अपने-अपने क्षेत्र में अवैध बूचड़खानों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। एसडीएम खेरागढ़ श्यामलता आनंद ने इस पर अमल करते हुए कागारौल स्थित बस्ती में अवैध बूचड़खाने को सील कर दिया। एसडीएम का कहना है कि उन्हें जानकारी मिली थी कि इस बूचड़खाने पर बकरे और मुर्गे के अलावा अन्य पशु भी काटे जाते थे। एसडीएम किरावली निधि गुप्ता ने फतेहपुर सीकरी और अछनेरा कस्बे में संचालित मीट की दुकानों पर छापेमारी की। सीकरी में बिना लाइसेंस के संचालित हो रहीं चार अवैध दुकानों पर ताले जड़ दिए। अछनेरा में भी कुछ अवैध दुकानों को बंद कराया गया है।
संबंधित क्षेत्र के अधिकारी होंगे जिम्मेदार
आगरा। डीएम ने सभी उपजिलाधिकारियों, नगर निगम और पुलिस महकमे को दुधारू पशुओं के वध एवं उनके अनाधिकृत परिवहन को रोके जाने के संबंध में आदेश जारी किए। कहा है कि किसी क्षेत्र में यदि अवैध पशुवधशालाओं के संचालन, पशुवध व पशुओं के अवैध परिवहन होता है तो इसके लिए संबंधित एसडीएम जिम्मेदार होंगे। ऐसे में सभी से अपने-अपने क्षेत्रों में वैध और अवैध रूप से संचालित बूचड़खानों को चिह्नित करने के निर्देश दिए। नगर निगम को इन निर्देशों के साथ-साथ सरकारी पशुवधशाला की भी पड़ताल करने को कहा है। यहां पशु चिकित्सक की रिपोर्ट के बाद ही पशु काटे जा रहे हैं या नहीं, इस संबंध में भी रिपोर्ट तलब की है। क्षेत्राधिकारियों को भी इस संबंध में आदेश दिए गए हैं। बता दें कि यह निर्देश इलाहाबाद, वाराणसी, गाजियाबाद सहित तमाम शहरों में की गई कार्रवाई के बाद दिए गए।
यांत्रिक पशु वधशालाओं की होगी जांच
आगरा। नगर निगम के पशु चिकित्साधिकारी डा. योगेश शर्मा ने बताया कि जिलाधिकारी से मिले निर्देशों के मुताबिक शहर में चल रहे अवैध बूचड़खानों को बंद कराने की प्रक्रिया शुरू होगी। लाइसेंसी और यांत्रिक पशु वधशालाओं के संबंध में शासन से अभी कोई निर्देश नहीं मिला है लेकिन वहां जाकर देखा जाएगा कि पशु कटान मानकों के तहत हो रहा है या नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यदि कहीं नियम विरुद्ध कार्य पाया जाता है तो कार्रवाई तय है। कुबेरपुर में चल रही पशु वधशालाओं की जांच की जाएगी।
शमसाबाद में पुलिस ने मांगे लाइसेंस
शमसाबाद। प्रदेश सरकार के अवैध बूचड़खाने बंद करने के आदेश के बाद शमसाबाद पुलिस भी हरकत में आ गई है। मंगलवार शाम थानाध्यक्ष विजय कुमार ने मुस्लिम बस्ती में जाकर वहां अवैध रूप से बूचड़खाने चलाने वालों को लाइसेंस दिखाने को कहा। उन्होंने कहा कि बगैर लाइसेंस अब कोई बूचड़खाना नहीं चलेगा। अवैध रूप से संचालन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।