पशुओं के अवैध कटान को रोकना भाजपा सरकार की प्राथमिकता है। इसको लेकर पुलिस-प्रशासन सक्रिय भी हो गया है। ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है। इस बीच प्रशासन ने चारागाहों की पड़ताल भी शुरू कर दी है। सरकार किसी भी समय इनकी स्थिति को लेकर रिपोर्ट तलब कर सकती है। ऐसे में पुराने रिकार्ड खंगाले जा रहे हैं।
मंगलवार को एडीएम प्रशासन राजेश कुमार श्रीवास्तव ने चारागाहों की रिपोर्ट तलब की। राजस्व अभिलेखों के मुताबिक, जिले में 1135 हेक्टेयर जमीन चारागाह की है। प्रशासन द्वारा अब इसका भौतिक सत्यापन कराया जाएगा। ताकि पता चल सके कि हकीकत में चारागाह की कितनी जमीन बची है और कितने पर कब्जा हो गया है। दरअसल, प्रशासनिक अधिकारियों को अंदेशा है कि अवैध पशुवधशालाओं को बंद करने के बाद सरकार पशुओं को रखने के लिए चारागाहों की स्थिति को लेकर रिपोर्ट तलब कर सकती है। बता दें कि जिले में तमाम पशु आवारा घूमते रहते हैं। इन्हें रखने का कहीं कोई ठिकाना नहीं है।
इनसेट
राजस्व अभिलेखों में उपलब्ध चारागाह का विवरण
तहसील ग्रामों की संख्या कुल गाटों की संख्या रकवा (हेक्टेयर में)
सदर 63 266 201.8952
बाह 26 41 36.7690
फतेहाबाद 12 48 16.9960
किरावली 54 100 56.5090
खेरागढ़ 83 393 749.5360
एत्मादपुर 36 64 73.5360