बॉस काम हो गया है। अब आप गाड़ी भेज दीजिए। डोंट वरी। कोई प्राब्लम नहीं है...। लूट करने के बाद बाइक लेकर भाग रहे बदमाशों में से पीछे बैठा एक बदमाश किसी से फोन पर ये बात कर रहा था। दुकान में छिपकर बैठे एक दुकानदार ने उसे ये कहते सुना। माना जा रहा है कि बदमाशों ने शहर से भागने में किसी बड़ी गाड़ी का इस्तेमाल किया।
सराफ लूट-हत्याकांड में पुलिस की प्रारंभिक तफ्तीश और प्रत्यक्षदर्शियों से जो पता चल रहा है उसके मुताबिक चार मोटरसाइकिलों पर सवार होकर बदमाश पहुंचे थे। होलीगेट पर कोयला वाली गली में पहुंचते ही मयंक अग्रवाल की फर्म मयंक चेन पर धावा बोल दिया। दुकान में बैठे सराफा कुछ समझ पाते बदमाशों ने गोलियां चलानी शुरू कर दी थीं।
यहां से कैश और जेवरात लूटने के बाद बदमाश मोटरसाइकिलों को लेकर भागने लगे। इसी बीच एक बाइक पर पीछे बैठे बदमाश ने अपने मोबाइल से कहीं फोन लगाया। उसे इतना कहते सुना गया कि गाड़ी भेज दो। कहीं कोई दिक्कत नहीं है। इस फोन के आधार पर ही माना जा रहा है कि बदमाशों ने शहर से भागने में किसी बड़ी गाड़ी का इस्तेमाल किया। किसी एक स्थान पर सभी ने मोटरसाइकिल छोड़ीं और बड़ी गाड़ी में बैठकर भाग गए हैं।
दुकान पर छूटे थैले को लेने बेखौफ वापस लौटे बदमाश
मथुरा। बदमाश इतने बेखौफ थे कि लूटपाट के दौरान दुकान पर छूटे थैले को लेने के लिए बेधड़क लौटे। बदमाश चार करोड़ का सोना लूट ले गए। बदमाशों ने दुकान में रखीं सोने की चेन थैलों में भर ली थीं। अलमारी में जितनी नकदी थी वह भी लूट ली थी। भागते समय काले रंग का एक थैला दुकान पर ही छूट गया था। थैले को लेने के लिए बाइक एक सवार बदमाश वापस लौटा था। उसने बड़ी ही तसल्ली से बैग को उठाया और कंधे पर टांगकर चलता बना। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बदमाश बेखौफ थे। कहीं से भी उनको पुलिस के आने का डर नहीं लग रहा था। बाजार में पिस्टलों को लहराते हुए बदमाश भाग निकले।