खुद को रंगा-बिल्ला का करीबी बताकर सराफ से 15 लाख की चौथ मांगने वाला पड़ोसी सराफ ही दोषी निकला। सराफ ने इस षड़यंत्र में एक मोबाइल दुकानदार समेत तीन अन्य लोगों को भी शामिल किया था। अंबेडकर नगर के लालचंद के नाम से सिम निकालकर ज्वैलर्स को फोन से धमकी और मैसेज किए गए थे। स्वाट टीम एवं कोतवाली पुलिस ने सराफा समेत चार लोगों को दबोचकर पूरी साजिश का खुलासा कर दिया है।
कोतवाली क्षेत्र के ज्वैलर्स धौलीप्याऊ निवासी सौरभ अग्रवाल पुत्र सीताराम अग्र्रवाल को दो जून की रात फोन पर धमकी देकर 15 लाख की चौथ मांगी गई थी। चौथ मांगने वाले ने कई मैसेज भी किए थे जिसमें वह खुद को बदमाश रंगा-बिल्ला गैंग का सदस्य बता रहा था।
घबराए ज्वैलर्स ने एसएसपी विनोद कुमार मिश्रा को आपबीती बताई तो उसे सुरक्षा प्रदान कर खुलासे के लिए स्वाट एवं सर्विंलास की टीम को लगा दिया गया। इसके बाद लगी स्वाट टीम एवं कोतवाली पुलिस ने धमकी देने वालों को पकड़कर पूरे मामले से पर्दा हटा दिया।
एसएसपी विनोद कुमार मिश्रा ने पत्रकारों को बताया कि कोतवाली प्रभारी डीएन मिश्रा, स्वाट टीम प्रभारी हरवेंद्र मिश्रा, एसआई प्रदीप कुमार ने संयुक्त रुप कार्रवाई में चार युवकों को दबोचा है।
इनमें सौरभ अग्रवाल का पड़ोसी सराफ भूपेंद्र उर्फ बॉबी पुत्र गंगामोहन शर्मा, धौलीप्याऊ निवासी सूरज उर्फ राजा पुत्र राजकुमार, शुभम् उर्फ सोनू पुत्र उत्तमचंद एवं प्रशांत पुत्र राजीव कुमार हैं। इनके कब्जे से उपयोग किया गया सिम बरामद किया गया है। पुलिस टीम को पांच हजार के इनाम से पुरस्कृत किया गया है।