100 करोड़ की तेल चोरी के मुख्य आरोपी मनोज गोयल
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100 करोड़ की तेल चोरी के मुख्य आरोपी मनोज गोयल पर पुलिस और प्रशासन हमेशा मेहरबान रहे। इस चुनाव में भी उसके रसूख की धमक दिखाई दी। उसका लाइसेंसी पिस्टल जमा नहीं कराया गया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि वह वोट डालने के लिए भी पिस्टल लेकर गया था। अब पुलिस कह रही है कि उसे नोटिस जारी किया गया था। लाइसेंस निलंबित कराने के लिए प्रशासन को रिपोर्ट दी गई थी।
इस चुनाव में चुनाव आयोग ने शस्त्र लाइसेंसों पर सख्ती की थी लेकिन पुलिस का डंडा आम लोगों पर ही चला। रसूखदार लोगों को पूरी छूट दी गई। मनोज गोयल का घर नेहरू नगर में है। पुलिस ने नेहरू नगर पुलिस चौकी की बिल्डिंग बनवाने के लिए उससे चंदे में मोटी रकम ली थी। शायद इसी का नतीजा रहा उसका पिस्टल जमा नहीं कराया गया। अब 100 करोड़ की तेल चोरी में उसका खेल सामने आने पर मथुरा पुलिस ने आरोपियों के शस्त्र लाइसेंसों का ब्योरा तैयार किया तो पता चला कि फरार मनोज गोयल के पास लाइसेंसी पिस्टल है। हरीपर्वत थाना पुलिस का कहना है कि उससे पिस्टल जमा कराने के लिए कहा गया था। जब उसने जमा नहीं कराई तो उसे नोटिस दिया गया। इसके बाद लाइसेंस निलंबित करने के लिए प्रशासन को रिपोर्ट भेज दी गई थी। उधर प्रशासन ने शस्त्र जमा न कराने वाले आठ लोगों के लाइसेंस निलंबित किए हैं। इनमें मनोज गोयल का नाम नहीं है।
तब तो रिपोर्ट भी नहीं भेजी
पुलिस सूत्रों ने बताया कि इससे पहले मनोज के खिलाफ बैंक अधिकारी पर जानलेवा हमले का केस दर्ज होने पर उसे जेल भेजा गया था। तब उसके लाइसेंस को निरस्त कराने के लिए प्रशासन को रिपोर्ट नहीं भेजी गई थी।
तो निरस्त किया जाएगा लाइसेंस
डीएम गौरव दयाल का कहना है कि अगर हरीपर्वत थाना पुलिस ने मनोज गोयल के लाइसेंस के बारे में रिपोर्ट भेजी है, तो लाइसेंस को जल्द ही निरस्त कर दिया जाएगा।