एक बड़ी वारदात का खुलासा होता नहीं और दूसरी हो जाती है। ताजनगरी में चुनाव से पहले भी यही हो रहा था और अभी भी हालात बदले नहीं है। अपराध की जैसी रफ्तार अखिलेश के राज में थी, वैसी हो योगी के शासन में है। नए राज में अफसर ही नहीं बदले, पुलिस की व्यवस्था में भी परिवर्तन किया गया। डीआईजी की जगह आईजी और आईजी की जगह एडीजी को बैठा गया लेकिन अपराधी बेलगाम ही हैं। कागारोल की लूट इसका एक और सुबूत है।
इसके बाद डौकी के बवाल ने तो अफसरों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए। ताजनगरी फिर से अपराधनगरी बनती जा रही है। पुलिस पर बार बार हमले हो रहे हैं। चार दिन पहले ट्रांस यमुना में पुलिस पर पथराव किया गया। एक नहीं, सात बार।
इसके आरोपी पुलिस ने अभी तक नहीं पकड़े। अब डौकी में पुलिस पर हमला किया गया, गाड़ी फूंक दी गई, चौकी फूंकने की कोशिश की गई। इसी तरह की अराजकता पहले भी हो चुकी है। उनमें पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। इसी का नतीजा है कि बलवाई बेखौफ हो गए हैं।
अधूरे खुलासे कर रही पुलिस
रुनकता में सराफ से 46 लाख की लूट हुई। पुलिस ने बरामदगी की सिर्फ 1.12 लाख की। छह बदमाशों ने वारदात की जबकि पकड़े गए सिर्फ दो। गिरोह का सरगना तो अभी तक पकड़ा ही नहीं गया। इसी तरह महादेव नगर में सराफ राजकुमार वर्मा के शो रूम पर पड़ी डकैती में से पुलिस ने न कैश बरामद किया और न ही जेवरात। सिर्फ रिवाल्वर बरामद हो पाई है। बदमाश फिरोजाबाद में पकड़े गए।
बेखौफ हैं बाईकर्स गैंग के बदमाश
सबसे ज्यादा वारदात बाईकर्स गैंग के बदमाश कर रहे हैं। इनके दो गिरोह हैं। एक काले रंग की बाईक पर चलता है और एक सफेद रंग की। दोनों ने अपराध की झड़ी लगा रखी है। पुलिस इन्हें नहीं पकड़ पा रही। पहले चेन लूट करते थे, अब बड़े हाथ मार रहे हैं। पहले सिर्फ शहर में वारदात हो रही थी, अब देहात में भी हो रही हैं। पुलिस इन्हें पकड़ नहीं पा रही है।