आगरा पुलिस ने पकड़े अवैध हथियारों के तस्कर
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शहर में हथियारों के सौदागरों ने दो साल में एक हजार से अधिक कारतूसों की बिक्री की है। पुलिस की पूछताछ में यह बात सामने आई है। अब पुलिस यह पता करने में लगी है कि यह कारतूस किसने और क्यों खरीदें? वहीं आरोपी जिन गन हाउस से कारतूसों को खरीदना बता रहे हैं? पुलिस उन गन हाउस का रिकॉर्ड भी चेक करेगी। अगर, गन हाउस से कारतूस खरीदने की पुष्टि होती है तो संचालकों पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं अवैध हथियारों के खरीदार भी चिह्नित किए गए हैं।
थाना ताजगंज पुलिस और विशेष क्राइम टीम ने मंगलवार रात को चेकिंग के दौरान हथियारों के सौदागर गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार किए थे। इनमें फुरकान, फुरकान उर्फ हकला और रिजवान उर्फ भूरा थे। उनसे 28 तमंचे, तीन पिस्टल और 24 कारतूस बरामद किए थे।
एक आरोपी एटा का सोमू अभी फरार हैं। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया था कि थाना फतेहाबाद क्षेत्र के एक गन हाउस और अलीगंज के एक गन हाउस से कारतूस खरीदकर लाते थे। वहीं तमंचे और पिस्टल एटा और मथुरा से खरीदकर ला रहे थे। दो साल से इस काम में लगे हैं।
आरोपी चार हजार रुपये में तमंचे की खरीद करके छह हजार रुपये तक में बेचते थे, जबकि 20 हजार तक की पिस्टल को 30 हजार रुपये में बेचते थे। कारतूस की डिब्बी भी 1500 रुपये तक में खरीदकर लाते थे। अब पुलिस आरोपियों से पता चले गल हाउस के बारे में जानकारी जुटा रही है। वहीं शहर के एत्माददौला, हरीपर्वत, न्यू आगरा के कुछ युवकों के बारे में भी जानकारी लगी है, जोकि तमंचों और पिस्टल की खरीद करते थे।
उन्हें पुलिस ने चिह्नित कर लिया है। जल्द ही उनकी गिरफ्तारी की जा सकती है। एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि हथियार सप्लायर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। इसके लिए टीम को लगाया गया है। आरोपियों ने सैकड़ों की संख्या में कारतूसों की बिक्री की है।
चेकिंग से बचने के लिए पैदल जाते थे आरोपी
पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि जिस किसी को अवैध हथियार सप्लाई करना होता था, उससे आरोपी पैदल ही मिलने जाते थे। उन्हें डर रहता था कि तमंचे और पिस्टल लेकर बाइक से जाएंगे तो चेकिंग में पकड़े जा सकते हैं। इस कारण बाइक का इस्तेमाल नहीं करते थे। वहीं फोन पर ही बात हो जाती थे। इसके बाद डिलीवरी देते थे। पैसा डिलीवरी के बाद ही लेते थे। एक तमंचे के साथ पांच से दस कारतूस भी देते थे।