जानकारी ने अनुसार यह मामला गुरुवार करीब तीन बजे का है। जब न्यू शिवालिक कालोनी के 21 वर्षीय संधीर गिरी को उसका भाई मनीष गंभीर हालत में अस्पताल लाया। उपचार के दौरान संधीर के ब्लड सैंपल लेने के अलावा गेस्टिक लॉग प्रणाली के माध्यम से पेट से पानी निकाला गया। करीब पौना घंटा चले उपचार के बावजूद उसको बचाया नहीं जा सका। उसने दम तोड़ दिया।
मौत का पता चलते ही परिजनों के रूदन से माहौल गमगीन हो गया। कुछ ही समय बाद माहौल तनावमय हो गया। पहले मनीष और बाद में उसके साथ आए सहयोगियों ने ट्रामा सेंटर में घुसकर डॉक्टर पर हमले की कोशिश की लेकिन रास्ते में पुलिस के होने के कारण प्रयास में सफल नहीं हो सके।
मृतक के भाई ने लगाए आरोप
मनीष ने आरोप लगाया कि डॉक्टर ने उससे अभद्र व्यवहार किया, उसे मास्क लाने को कहा, उसे मारने के लिए आया और मास्क लगाने के बावजूद उसकी एक नहीं सुनी। लापरवाही को मौत का कारण बताते हुए निलंबित करने की मांग की। मनीष के अनुसार संधीर ने संदिग्धावस्था में कोई जहरीला पदार्थ पी लिया था। यदि डॉक्टर सही उपचार करते तो वह बच सकता था। संधीर को समय पर रेफर नहीं करने के भी आरोप हैं।
वहीं, मौके पर डॉक्टर संजय के अनुसार मरीज को गंभीर हालत में लाया गया था। क्लीनिकल एक्सपीरिंयस के जरिए मुझे आभास हुआ कि युवक ने कोई जहरीला पदार्थ पीया है। इसके बाद मैने तुरंत उपचार शुरू कर दिया। जहर का पता लग सके इसके लिए मरीज का पहले ब्लड सैंपल लिया, उसके बाद तत्काल गेस्टिक लॉग से पेट का पानी निकाला, ताकि जहर का असर कम किया जा सके। उसके बाद मनीष ने संधीर द्वारा पी गई दवा की फोटो दिखाई, जोकि खरपतवार नाशक थी। इस दौरान मरीज को हर जरूरी दवा दी गई ताकि वह कुछ समय के लिए संभल जाए। क्योंकि हम मरीज को तब तक रेफर नहीं कर सकते जब तक उसकी स्थिति में सुधार न हो।
नियमानुसार उन्होंने मरीज को चंडीगढ़ के सेक्टर-32 जनरल अस्पताल रेफर किया था लेकिन इसी बीच उसकी मौत हो गई। उनके पास किसी को भी प्राइवेट अस्पताल में रेफर करने का अधिकार नहीं है। यदि मरीज को एकदम से रेफर कर देते तो वह घातक हो सकता था, इसलिए सबसे पहले उसे उचित इलाज दिया गया। लापरवाही के आरोप झूठे और बेबुनियाद हैं।
जहरीला पदार्थ खाने से मौत के मामले में परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं लेकिन अभी तक कोई शिकायत नहीं दी। पोस्टमार्टम के दौरान शिकायत देने की कही है। जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। नियमानुसार कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। - राम कुमार, कोतवाली प्रभारी।