नेशनल हाईवे 2 पर अचानक बने गड्ढे में जूता कारीगर के डूबकर मर जाने की दर्दनाक घटना में कोई कार्रवाई होने से पहले ही बुधवार सुबह एक और बड़ा हादसा हो गया। इस बार नवीन गल्ला मंडी के पास अचानक ही 200 मीटर से ज्यादा सड़क धंस गई। इसकी भारी भरकम रेलिंग दीवार सहित सर्विस लेन पर गिर पड़ी। इसके मलबे में कई वाहन दब गए। इनमें एक्टिवा सवार एक युवक गंभीर रुप से घायल हो गया। यह देख लोगों का गुस्सा भड़क गया। उन्होंने हाईवे अथारिटी और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी। इस पर भी काफी देर तक कोई अधिकारी नहीं पहुंचा।
लोगों में गुस्सा इसलिए भी था क्योंकि मलबे मेें कई लोगों के दबे होने की आशंका थी। पुलिस ने मलबा हटवाया। शाम को साफ हुआ कि युवक के अलावा कोई और नहीं दबा है। यह हादसा सुबह करीब नौ बजे हुआ था। मंगलवार रात बारिश के चलते हाईवे की सड़क धंसी। सुबह तकरीबन साढ़े नौ बजे सड़क पूरी तरह धंस गई। दीवार और लोहे की रेलिंग सर्विस लेन पर जा गिरी। सामर्थ्य कुमार की आल्टो कार, नगला रामबल के सुभाष यादव की एक्टिवा समेत आधा दर्जन वाहन मलबे में दब गए। सुभाष को लोगों ने मलबे से निकाल घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया।
इसके बाद थाना एत्माद्दौला पुलिस ने एनएचएआई के अधिकारियों को सूचना दी। लेकिन क्रेन और एंबुलेंस तक नहीं भिजवाई। पुलिस ने नरायच से प्राइवेट क्रेन मंगवाई। मलबे में दबे के लोगों की तलाश का काम शुरू किया। दोपहर के बाद एनएचएआई के एक इंजीनियर मजदूरों के साथ पहुंचे।
एक माह से था हादसे का इंतजार
आगरा-फीरोजाबाद हाईवे की इस सड़क का तकरीबन 20 मीटर हिस्सा एक माह पहले हुई बारिश में धंस गया है। लंबी दरार पड़ गई थी लेकिन एनएचएआई ने सीमेंट की बोरियां रखवाकर सड़क के इस हिस्से को बंद कर दिया। मरम्मत नहीं कराई गई। इस संबंध में अधिकारियों ने ये कहकर पल्ला झाड़ लिया कि रिपेयर करा दिया गया है। इसी दरार के कारण बुधवार को हाईवे का बड़ा हिस्सा धंस गया। लोगों का कहना है कि अगर सड़क दोपहर में धंसती तो कई लोगों की जानें जा सकती थीं।
हाईवे पर बढ़ गया जान का जोखिम
आगरा। हाईवे पर चलने का मतलब जान जोखिम में डालना हो गया। आप वाहन से जा रहे हों या पैदल, कभी भी हादसा हो सकता है। कहीं भी सड़क धंस सकती है। पुल की रेलिंग गिर सकती है। सड़क पर कुए जैसा गड्ढा बन सकता है। इस बार बारिश ज्यादा हो रही है और हाईवे की सड़क नाजुक है। सिक्स लेन प्रोजेक्ट के चलते मरम्मत भी नहीं की जा रही। इसके चलते हादसे पर हादसे हुए जा रहे हैं।
आरोपियों को बचा रही पुलिस
भगवान टाकीज फ्लाई ओवर के पास हाईवे धंसने से बने गहरे गड्ढे में जूता कारीगर की मौत हो गई थी। इस मामले को एक महीना होने को आया । इसकी रिपोर्ट दर्ज है। इसमें हाईवे अथारिटी और नगर निगम के अधिकारी आरोपी हैं। उनका नाम नहीं खोला गया था। पुलिस ने अभी ठीक से जांच भी शुरू नहीं की है। आरोपियों के नाम भी नहीं खोले गए हैं।
एनएचएआई के खिलाफ दी तहरीर
हाईवे की रेलिंग गिरने से घायल हुए नगला रामबल निवासी सुभाष यादव को गंभीर चोटें आई हैं। उनकी पत्नी सावित्री ने एनएचएआई अधिकारी और कर्मचारियों की लापरवाही को हादसे का जिम्मेदार बताते हुए थाना एत्माद्दौला में तहरीर दी है। एनएचएआई के प्रोजेक्ट निदेशक एसबी सिंह का कहना है कि हाईवे की रेलिंग लगातार बारिश से गिरी है। पूर्व में भी मरम्मत करवाई गई थी। टीम को मौके पर भेज दिया था। जल्द मरम्मत शुरू कराई जाएगी।