आगरा के थाना छत्ता में हिस्ट्रीशीटर मोनू यादव सहित पांच के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। इसमें आरोप है कि आरोपियों ने पहले जमीन पर फर्जी बैनामा तैयार करके कब्जा कर लिया।
बाद में भूखंड पर 1.07 करोड़ का लोन ले लिया। पीड़ित से जमीन पर कब्जा देने के लिए 50 लाख रुपये की चौथ भी मांगी। मामले में पुलिस विवेचना कर रही है। तीन साल बाद मुकदमा दर्ज किया गया है। बैंक प्रबंधक की मिलीभगत का भी आरोप लगाया गया है।
थाना एत्माद्दौला के गुलाब नगर निवासी विकास परमार ने मुकदमा दर्ज कराया है। इसमें नगला रामबल निवासी मोनू यादव उर्फ मनोज यादव, दयालबाग निवासी प्रदीप यादव, हाकिम सिंह यादव, दयालबाग स्थित पंजाबी बाग निवासी कुलदीप यादव और नगला रामबल निवासी शैलेंद्र यादव को नामजद किया है।
इसमें लिखा है कि विकास ने मौजा नरायच नगला रामबल में 190 वर्गगज का भूखंड नवज्योति सहकारी आवास समिति से वर्ष 2011 में खरीदा था। नामजद आरोपियों ने भूखंड पर फर्जी बैनामा कराकर 17 अक्तूबर 2013 को कब्जा कर लिया। इसका मुकदमा सिविल जज की कोर्ट में विचाराधीन है। प्रदीप, हाकिम और कुलदीप हाजिर हो रहे हैं।