'साहब! मैं चोर नहीं हूं, मैंने चोरी नहीं की। मैं तो छात्र हूं, मेरे साथ अन्याय मत करो। मेरी गलती सिर्फ इतनी है कि पड़ोसी पर भरोसा कर उससे मोबाइल खरीद लिया। उसे भी आपके सुपुर्द करा दिया। मुझे छोड़ दो अन्यथा मेरा कॅरियर बर्बाद हो जाएगा।'
पैरामेडिकल का छात्र जीआरपी प्रभारी से इस तरह गुहार लगाता रहा, लेकिन पुलिस ने उसे मोबाइल चोर के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मामला फिरोजाबाद के टूंडला का है। यहां एक रेल यात्री ने मोबाइल व पर्स चोरी की रिपोर्ट टूंडला जीआरपी थाने में दर्ज कराई थी।
थाना टूंडला के लाइनपार स्थित नगला इस्माइल निवासी और एसपीजी पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट आगरा में डीएमएलटी प्रथम वर्ष के छात्र मोहम्मद जाहिद पुत्र मोहम्मद अनवर ने मोहल्ले के ही इमरान उर्फ टीटी से एक मोबाइल खरीद कर उसमें अपनी सिम डाल ली थी।
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नहीं सुनी गुहार, भेजा जेल
जांच में जुटी पुलिस ने मोबाइल चालू होते ही उसके घर दबिश दी, लेकिन वो नहीं मिला। जब छात्र घर पहुंचा तो पिता उसे लेकर जीआरपी थाने पहुंचे। पुलिस ने उससे जानकारी की तो जाहिद ने पुलिस के साथ पहुंचकर इमरान को पकड़वा दिया।
पुलिस उसे मोबाइल चोर बताते हुए जेल भेजने की तैयारी में जुट गई। इस पर छात्र घबरा गया और पुलिस के पैर पकड़कर गुहार लगाता रहा, लेकिन पुलिस ने चोरी का माल खरीदने का गुनहगार मानते हुए उसे आरोपी के साथ जेल भेज दिया।
'मेरा बेटा चोर नहीं'
पिता मोहम्मद अनवर ने कहा कि मेरा बेटा चोर नहीं है। मैंने अपने बच्चों को कभी ऐसी इल्म नहीं दी कि वे गुनाह के रास्ते पर चलें। पुलिस के बुलाने पर बेटा, तुरंत हाजिर हो गया। जिससे मोबाइल लिया था, उसे भी पुलिस से पकड़वा दिया। फिर भी पुलिस ने बेटे को चोर बताकर उसका जीवन बर्बाद कर दिया।
जीआरपी थाना प्रभारी विजय कुमार ने बताया कि यात्री से चोरी हुआ मोबाइल छात्र के पास से बरामद हुआ है। चोरी करने वाले के साथ ही चोरी की वस्तु खरीदने वाला भी उतना ही गुनहगार होता है। बरामद मोबाइल के आधार पर उसके विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर उसे जेल भेजा है।