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एक-एक लाख रुपये में होने वाला था तीन युवतियों का सौदा, मानव तस्करी का गैंग पकड़ा गया तो हुआ बड़ा खुलासा

Sun, 07 Feb 2021 01:14 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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लड़कियों की तस्करी के आरोप में पकड़े गए आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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झारखंड, मध्यप्रदेश और सोनभद्र जिले के आदिवासी इलाकों से आर्केस्ट्रा में डांस और गाना गाने पर रुपयों का लालच देकर तीन युवतियों को शादी के लिए तस्करी करके लाया जा रहा था। दिल्ली की रेस्क्यू फाउंडेशन और मिशन मुक्ति फाउंडेशन की टीम की सूचना पर बसई अरेला पुलिस ने गैंग के 11 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। उनसे युवतियां भी बरामद कर ली गईं। पुलिस की पूछताछ में पता चला कि गैंग शादी कराने के लिए युवतियों को लेकर आता है। एक लाख रुपये तक में उनका सौदा कर दिया जाता है। 
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एक लाख तक में एक युवती का सौदा 
पुलिस की पूछताछ में पता चला कि रमेश, रामवृक्ष, आशा और प्रेमवती सोनभद्र में रहते हैं। वह आर्केस्ट्रा के कार्यक्रम में गरीब परिवार की युवतियों और महिलाओं को डांस और गाना गाने का लालच देते हैं। इसके बाद अपने साथ लेकर आ जाते हैं। उन्हें काम करने पर अच्छे रुपये देने की कहते हैं।

थाना बासौनी के गांव पुराकनहैरा के रहने वाले मुन्नालाल के माध्यम से बेच देते हैं। इस काम के लिए एक लाख रुपये तक की कमाई होती है। इसे गैंग के सदस्य आपस में बांट लेते हैं। बेची गईं युवतियों और महिलाओं की जबरन शादी करा दी जाती है। 
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बेटे की शादी कराकर गैंग के संपर्क में आया मुन्नालाल
एसपी आरए पूर्वी ने बताया कि गांव पुराकनहैरा के मुन्नालाल ने अपने बेटे की शादी चार साल पहले रामेश, रामबृक्ष, आशा और प्रेमवती के माध्यम से ही कराई थी। तब से ही वह इन लोगों के संपर्क में आ गया। वर्ष 2006 में रमेश हत्या के मामले में सोनभद्र से जेल भी गया था। अब पुलिस उसका आपराधिक इतिहास निकलवा रही है। तीन साल पहले प्रेमबाबू एक किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। उसको कोंध जनपद में बेच दिया गया था। इसकी जानकारी पर किशोरी के परिजन भी पहुंच गए थे। इस कारण किशोरी को बरामद कर लिया गया था। 

एसपीआरए पूर्वी वेंकट अशोक ने बताया कि दिल्ली की मिशन मुक्ति संस्था के निदेशक वीरेंद्र कुमार सिंह और उनकी टीम को सूचना मिली थी कि सोनभद्र, झारखंड और मध्य प्रदेश से तीन युवतियों को बेचने के लिए आगरा लाया जा रहा है। उनकी जबरन शादी कराई जाएगी। उन्होंने शुक्रवार को पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने चौकी अरनौटा पर चेकिंग की। पुलिस ने दो बोलेरो को रोका। गाड़ियों में 11 लोग मिले। वहीं सोनभद्र, झारखंड के जिला गढवा और मध्य प्रदेश के सिगरौली जिले की तीन युवतियां मिलीं।  
 
एसपीआरए ने बताया कि सोनभद्र का गैंग गरीब और आदिवासी परिवार की युवतियों की तस्करी करता है। गैंग के सदस्य तीन तरीके अपनाते हैं। पहले गैंग में शामिल महिलाएं युवतियों को आर्केस्ट्रा में काम का लालच देती हैं। उनके तैयार होने पर सरगना रमेश युवतियों को लेकर आता है। बाह क्षेत्र का मुन्नालाल युवतियों की शादी कराता है। गिरफ्तार आरोपियों से और भी पूछताछ की जाएगी। यह पता किया जाएगा कि गैंग के सदस्य कितनी युवतियों को ला चुके हैं। यह कहां-कहां सक्रिय हैं। आगरा के अलावा इटावा, फिरोजाबाद में भी युवतियों को शादी के लिए लाने की जानकारी मिली है। 
 
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इनकी हुई गिरफ्तारी
रमेश निवासी नोदिया, पन्नूगंज, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश, प्रेमबाबू निवासी खरोंदी, गढ़वा, झारखंड, रामबृक्ष निवासी प्रतापपुर, थाना पन्नूगंज, सोनभद्र, नालेश निवासी सामली, थाना पन्नू गंज, सोनभद्र, विजय निवासी थाना पन्नूगंज, सोनभद्र,  ब्रजेश निवासी नोदिया, थाना पन्नू गंज, सोनभद्र, अमित निवासी थाना माची, सोनभद्र, प्रदीप निवासी हंसराजपुर, थाना एकमा, शिवान, बिहार, मुन्नालाल निवासी पुराकनहेरा, थाना बासौनी, आगरा, प्रेमा देवी निवासी धौसरा, थाना मांची, सोनभद्र, आशा निवासी धौसरा, थाना मांची, सोनभद्र। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में थाना बसई अरेला के थानाध्यक्ष शेर सिंह, एसआई अमरदीप शर्मा, मिशन मुक्ति फाउंडेशन के निदेशक वीरेंद्र कुमार, पल्लवी घोष, अशोक कुमार राजगौर, अरुण कुमार गुप्ता आदि शामिल रहे।

 
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