सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों को ट्रेजरी अफसर बनकर कॉल करने वाले साइबर अपराधियों के बारे में बैंकों से भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता करने में लगी है कि उन्होंने कर्मचारियों के मोबाइल नंबर और खातों की जानकारी कैसे ली? पुलिस को आशंका है कि दिल्ली में बैठे हैकरों ने डाटा दिया है। यह डाटा सिर्फ बैंक और ट्रेजरी के पास ही होता है।
साइबर अपराधियों ने पिछले दिनों ट्रेजरी अफसर बनकर अग्निशमन विभाग के सेवानिवृत्त दरोगा के खाते से 26 लाख रुपये निकाल लिए थे। वह फिरोजाबाद के रहने वाले हैं। इसी तरह आगरा के सेवानिवृत्त एचसीपी के खाते से 96 हजार रुपये निकाले गए। अमेठी और फतेहपुर के सेवानिवृत्त कर्मियों के खातों में भी इसी तरह सेंध लगाई गई। इन मामलों की जांच रेंज साइबर सेल की टीम कर रही है।
प्रभारी शैलेष सिंह ने बताया कि साइबर अपराधियों ने प्रदेश भर के सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों को कॉल किए थे। इनमें से चार के साथ ठगी की जानकारी मिल गई है। अभी कितने और लोगों को गैंग ने ठगी का शिकार बनाया? यह पता किया जा रहा है। सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के मोबाइल नंबर, खाता संख्या और किस मद में कितना पैसा आया? इस बात की जानकारी बैंक और ट्रेजरी में ही होती है।