आगरा के थाना जगदीशपुरा क्षेत्र की दुष्कर्म पीड़ित 11वीं की छात्रा के घर के बाहर बुधवार रात बाइक सवार 10-12 लोगों ने फायरिंग की। इससे छात्रा का पूरा परिवार दहशत में आ गया है। उसके पिता ने एसपी पूर्वी प्रमोद कुमार को घटना की जानकारी देकर सुरक्षा की मांग की। इस पर घर के बाहर दो सिपाही तैनात कर दिए गए। इस मामले में दो आरोपी फरार चल रहे हैं। इनमें से एक सपा नेता का बेटा है।
छात्रा के पिता ने बताया कि रात को 10 बजे वो अपने परिचित के यहां गए थे। घर में किरायेदार का परिवार ही था। तभी कई बाइकों पर कुछ लोग आए। उन्होंने किरायेदार से उनके बारे में पूछताछ की। किरायेदार ने बताने से मना कर दिया। इस पर फायरिंग करके चले गए। किरायेदार ने फोन करके उन्हें बताया।
इस पर एसएचओ थाना जगदीशपुरा को फोन करके जानकारी दी। मगर, देर रात तक पुलिसकर्मी नहीं पहुंचे। पीड़ित का कहना है कि वह दहशत में है। उनकी जान का खतरा है। इसकी शिकायत एसपी पूर्वी प्रमोद कुमार से की।
एसपी ने बताया कि पीड़ित को सुरक्षा का पूरा भरोसा दिलाया गया। वहीं सीओ लोहामंडी चमन सिंह चावड़ा ने बताया कि चीता मोबाइल के सिपाहियों को घर के बाहर लगाया गया है। किरायेदार ने कुछ लोगों के आने के बारे में बताया है। फायरिंग की बात नहीं कही थी। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
सपा नेता के बेटे को नहीं पकड़ पा रही पुलिस
11वीं की छात्रा से दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार किया था। तीनों को गुरुवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेज दिए गए। वहीं स्कूल चेयरमैन और सपा नेता का बेटा सहित दो आरोपी अब तक फरार हैं। पुलिस उनका कोई सुराग नहीं लगा पा रही है।
पीड़ित के पिता का कहना है कि पुलिस ने यह केस पहले छेड़छाड़ में दर्ज किया था। तब इन आरोपियों को थाना बुलाया था लेकिन वहीं से छोड़ दिया था। छात्रा के पिता का कहना है कि सपा नेता दबाव बनाने की कोशिश में हैं। इस कारण वह अपनी बेटी को घर में नहीं रख रहे हैं। उसे रिश्तेदारों के यहां भेज दिया है।
छात्रा बोली, तहरीर बदलवाई, आरोपी थाने से छोड़े
गुरुवार को दुष्कर्म पीड़िता के पिता के एसपी पूर्वी प्रमोद कुमार ने बयान दर्ज किए। पुलिस सूत्रों ने बताया कि पीड़ित छात्रा से यही सवाल किया गया कि थाना पुलिस ने किस स्तर पर लापरवाही की? इस पर पीड़िता ने सारी बातें बता दीं।
छात्रा के पिता ये बातें अफसरों को पहले ही बता चुके हैं। इसके बाद ही आईजी रेंज ए सतीश गणेश ने पुलिस पर लगे इन आरोप की जांच एसपी पूर्वी को दी है। यह जांच भी बेहद धीमी गति से चल रही है। तीसरे दिन बयान दर्ज हुए। पुलिस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
पुलिस की लापरवाही
1. छात्रा ने दो सितंबर को तहरीर दी, यह भी बताया कि आरोपी उसे बदनाम कर रहे हैं, दुष्कर्म की वीडियो क्लिप बनाई गई है जिसे शेयर किया जा रहा है। (इस पर पुलिस ने सिर्फ छेड़छाड़ का केस लिखा)
2. छात्रा ने वीडियो क्लिप पुलिस को मुहैया कराई। यह भी बताया कि इसे किस-किस आरोपी ने किस-किसको शेयर किया है। (इसके बावजूद पुलिस ने इसे लिखापढ़ी का हिस्सा नहीं बनाया, न ही इसके आधार पर धारा लगाई)
3. पुलिस ने छेड़छाड़ का जो केस दर्ज किया, उसके आरोपी थाने बुला लिए गए, उन्हें हिरासत में रखा गया। (उनकी गिरफ्तारी नहीं की गई, बाद में उन्हें थाना से ही छोड़ दिया गया)
( ये सारे आरोप छात्रा ने लगाए हैं, इनकी जांच ही एसपी पूर्वी कर रहे हैं।)